जीजेयू में शुक्रवार को छुट्टी के दिन भी अधिकारी और कर्मचारी अपने विभागों को चमकाने में जुटे रहे। विश्वविद्यालय ने भी पांच तकनीकी विभागों की शुक्रवार की छुट्टी रद्द कर दी थी। जिसके बाद विभागों के कर्मचारी और अधिकारी पूरे दिन अपने कामों में व्यस्त रहे। दफ्तरों में प्रोफेसर और अधिकारी पन्ने पलटते रहे तो और कर्मचारियों को निर्देश देते रहे। वहीं कर्मचारी लैब, होर्डिंग्स आदि को चमकाने में लगे रहे। वहीं विद्यार्थियों की छुट्टी थी। जानकारी के मुताबिक 13 अगस्त की छुट्टी भी रद्द कर दी गई है।
दरअसल यूनिवर्सिटी में 12 अगस्त को आने वाली एनबीए की टीम के लिए ये तैयारियां की जा रही हैं। एनबीए की टीम यहां 14 अगस्त तक रूकेगी। यह टीम केवल विश्वविद्यालय के तकनीकी विभागों का ही दौरा करेगी। जिनमें एन्वायरमेंटल साइंस एंड बायो साइंस टेक्नोलॉजी, इंजिनीयरिंग एंड टेक्नोलॉजी आदि शामिल हैं।
क्या है एनबी
एनबीए यानिकि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडेशन। यह एआईसीटीई यानि ऑल इंडिया काऊंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन द्वारा पंजीकृत संस्था है। यह संस्था तकनीकी शिक्षा को विश्वसनीय बनाने और बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान करना है।
यह होगा फायद
एनबीए से मान्यता मिलने के बाद संस्थान, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, प्रोफेसर्स आदि सभी को फायदा मिलता है। मान्यता मिलने का सीधा सा अर्थ है कि संस्थान राष्ट्रीय मानकों पर खरा है। इससे संस्थान की विश्वसनीयता बढ़ेगी। मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय को विभिन्न संस्थानों से शोध आदि के लिए फंड मिलना आसान हो जाता है। वहीं एनबीए की रिपोर्ट से संस्थान की कमजोरियों और अच्छाईयों का बारीकी से पता लग जाएगा। जिसे पॉलिसी बनाने के काम में लाया जा सकता है। शैक्षणिक सत्र में सुधार होगा।