हिसार। नारनौंद में करीब पौने छह साल पहले रंजिश में रामकुमार की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का मलिक की अदालत ने एक नाबालिग सहित पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी नारनौंद निवासी राहुल, विशाल, बालकिशन और जिंदल पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। राहुल पर हथियार के प्रयोग के लिए दस हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगा है।
अदालत ने आदेश दिया कि नाबालिग दोषी जो अब 23 साल का है उसका फॉलो-अप किया जाए। प्रोबेशन ऑफिसर या डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट यह जांचेगी कि उसमें सुधार हुआ है या नहीं। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के सेक्शन 20 के तहत उसकी रिहाई की संभावना जांची जाएगी।
वहीं कोर्ट ने इस मामले में गीता, रितु, कमलेश, बंटी, नसीब, देवराज, कन्हैया, बलराज, सुरेश, अमन और राज कुमार को बरी कर दिया। अदालत में चले अभियोग के अनुसार नारनौंद में यह खूनी संघर्ष पुरानी रंजिश के चलते हुआ था। सितंबर 2020 में मृतक के भाई राममेहर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि विशाल ने रामकुमार के पेट में चाकू घोंपा। प्रमोद और बालकिशन ने गंडासी से सिर पर वार किए। घायल रामकुमार को पहले नारनौंद सीएचसी और फिर हांसी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों के बयान पर पुलिस ने हत्या की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।