हिसार। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल का रोडवेज विभाग और यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। डिपो से फायर गाड़ियों के संचालन के लिए 41 चालकों को भेजे जाने के बाद 15 रुट पर बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। कई रूटों पर बसें खड़ी रह गई हैं और पिछले तीन दिन से 7 से 8 बसें बिना चक्कर पूरे किए डिपो में खड़ी हैं।
हड़ताल के कारण कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण हिसार से हांसी, थुराना रूट पर बसों फेरे घटाए गए है। गांव राजली-घिराय की बस सेवा बंद तीन दिन से रही। आदमपुर रूट पर चलने वाली बसों की फेरे भी घटाएं गए हैं। साथ ही उकलाना रूट के भी चार में से दो फेरे कम किए गए हैं। तीन दिन से 7 से 8 बसें नहीं चल पाई।
फरीदाबाद हादसे में में दो कर्मचारियों की मौत के बाद मुआवजे और परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदेश भर में फायर ब्रिगेड कर्मचारी हड़ताल पर हैं। नगर निगम ने आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हिसार रोडवेज डिपो से 41 ड्राइवरों को 8 और 9 अप्रैल के लिए भेजा था। विभाग ने विभिन्न रूटों पर बसों को दौड़ाने वाले 30 चालकों और अन्य 11 कर्मचारियों को आपात ड्यूटी के लिए फायर ब्रिगेड को दिया।
दो दिन की हड़ताल बढ़ने के कारण रोडवेज डिपो को चालकों की वापसी नहीं मिल पाई। बसों का संचालन प्रभावित होने के बाद विभाग ने आदेश जारी कर रोडवेज चालकों की आपात ड्यूटी दो दिन और बढ़ा दी है।
कहां से कितने चालक भेजे :
हिसार डिपो से रूट से भेजे गए चालक : 30
हिसार स्टाफ ड्यूटी से भेजा : 02
डीजल पंप से भेजे : 02
यार्ड से भेजा गया : 01
आदमपुर से भेजा : 01
बालसमंद से भेजा : 1
आदमपुर से भेजा : 01
अन्य जगह से भेजे गए : 03
फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रोडवेज डिपो से 8 व 9 अप्रैल के लिए 41 चालकों को भेजा गया था। इसके बाद विभाग को बसों के संचालन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी है। इन चालकों को 10 अप्रैल को वापस आना था लेकिन दो दिन हड़ताल और बढ़ गई। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए स्टाफ व अन्य ड्यूटी पर लगे चालकों को बस चलाने के लिए लगाया गया है।
आत्माराम, डीआई, रोडवेज डिपो हिसार।