हिसार। नागरिक अस्पताल में शिशु स्वागत केंद्र के अंदर रखे दोनों पालनाें की गोद 10 साल से सूनी है। वहीं इस साल में चार महीने में चार भ्रूण शहर के विभिन्न एरिया में मिल चुके हैं। पालने रखने का मकसद था कि यदि कोई अपने नवजात बच्चे को रखना नहीं चाहता तो वे चुपचाप इस पालने में डाल दें। जिससे कि बच्चे की अच्छी परवरिश हो सके और उसे मां-बाप का दुलार मिल सके। वहीं इन दस सालों में मंडल स्तर पर 53 बच्चे अनाथ मिले हैं।
नागरिक अस्पताल परिसर में 2012 में शिशु स्वागत केंद्र की स्थापना की गई थी। परिसर के अंदर बने एक कमरे में दो पालनाें को रखा गया है। केंद्र की शुरुआत होने के अज्ञात पालनों में छोड़ कर गए थे। उनमें से एक बच्चा कुपोषित था। पिछले दस सालों में पालने की गोद सूनी है। पालनों की हालत भी बिगड़ गई है। संवाद
केस नंबर एक
चार जनवरी 2023 को राजगढ़ मार्ग पर पुलिस नाके के पास बालसमंद नहर पुल के सर्विस मार्ग पर एक मिठाई के डिब्बे में क्षत-विक्षत दो भ्रूण मिले थे। वहां पर लाल कपड़ा और ग्लब्ज भी मिले, सफेद रंग के पॉलिथीन पर एक निजी अस्पताल का नाम लिखा था। बाद में जांच में पता चला कि दोनों भ्रूण लड़कियों के हैं और जुड़वा हैं। इस मामले में आजाद नगर थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर किया था। हालांकि अभी तक आरोपियों का खुलासा नहीं हो सका है।
केस नंबर दो
16 मार्च को एचटीएम थाना पुलिस में दी गई शिकायत में राजीव नगर निवासियों ने बताया था कि नाले से कॉलोनी के कुछ बच्चे नारियल निकाल रहे थे। तभी बच्चों को नाले की होद में एक थैला दिखा। जब थैला बाहर निकालकर देखा तो उसमें से भ्रूण निकला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
केस नंबर तीन
फरवरी माह में स्याहड़वा गांव के पास माइनर से एक भ्रूण मिला था। इससे पहले 23 दिसंबर 2022 को भगाना गांव के जोहड़ किनारे एक नवजात शिशु का शव मिला था। पता चलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और शिशु को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के निकू में भर्ती कराया था, देर रात शिशु की मौत हो गई थी।