हिसार। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के साथ 24 मार्च को होने वाली बैठक को लेकर इस बार नगर निगम प्रशासन काफी गंभीर नजर आ रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैठक से एक दिन पहले अवकाश होने के बावजूद निगम प्रशासन ने तैयारियों को लेकर दो बार बैठक की। हालांकि दोनों दफा मंत्री की तरफ से विकास कार्यों की दी गई सूची पर चर्चा की गई। दोनों बार तकनीकी शाखा ने इन कार्यों की फिजिब्लिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की। तकनीकी शाखा ने सभी कार्यों में से सिर्फ एक कार्य को नॉन फिजिबल बताया।
बता दें कि 17 मार्च को मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की तरफ से शहर के अलग-अलग वार्डों में कुछ विकास कार्य करवाने को लेकर एक सूची निगम प्रशासन को सौंपी गई थी। इसके साथ ही मंत्री ने निगम अधिकारियों के साथ 24 मार्च को बैठक भी तय कर दी। निगम प्रशासन को डर है कि इस बैठक में मंत्री इन कार्यों की रिपोर्ट के बारे में न पूछ ले तो निगम प्रशासन ने आनन-फानन में तकनीकी शाखा को 24 घंटे में इन विकास कार्यों की फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए थे।
एक घंटे दोपहर तो एक घंटे शाम को हुई बैठक -
फिजिब्लिटी रिपोर्ट को लेकर पहले चीफ इंजीनियर रामजीलाल ने तकनीकी शाखा के स्टाफ के साथ वर्चुअल बैठक की, जिसमें एसई, सभी एक्सईएन, एमई व जेई मौजूद रहे। इसके बाद शाम 4 बजे निगमायुक्त अशोक गर्ग ने तकनीकी शाखा सहित अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की। दोनों मीटिंग करीब एक-एक घंटे तक चली।
रफ कॉस्ट एस्टीमेट बढ़कर हुए 7 करोड़ रुपये के -
मीटिंग में फिजिब्लिटी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इन कार्यों का रफ कॉस्ट एस्टीमेट करीब 7 करोड़ रुपये होगा, जो पहले 5 करोड़ रुपये का था। उन्होंने मॉडल टाउन ग्रीन बेल्ट के अंदर से रोड देने के वर्क को नॉन फिजिबिल बताते हुए इसमें पहले सरकार से अनुमति लेने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की अनुमति के बिना यह काम सिरे नहीं चढ़ सकता। हालांकि बाकी सभी कार्यों को फिजिबल बताया।
एक करोड़ रुपये से होगा सामुदायिक केंद्रों का सुंदरीकरण -
इन विकास कार्यों की सूची में निगम के सभी सामुदायिक केंद्रों के सुंदरीकरण को अति महत्वपूर्ण कार्यों की सूची में रखा गया है। बैठक में अधिकारियों ने इनके सुंदरीकरण का एस्टीमेट करीब एक करोड़ रुपये बताया। बता दें कि निगम के पास वर्तमान में 12 सामुदायिक केंद्र हैं, जिनमें से ज्यादातर की हालत खस्ता है। मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भी इस बात से अवगत हैं, इसी को देखते हुए उन्होंने इस काम को अति महत्वपूर्ण कार्यों की सूची में रखा है।
छोटे पार्कों में नहीं बनेंगे शौचालय -
बैठक में चर्चा हुई कि कॉलोनियों में स्थित छोटे पार्कों में शौचालय नहीं बनाए जाएंगे, क्योंकि वहां आसपास के लोग ही आते हैं। ऐसे में इन पार्कों में शौचालय की जरूरत नहीं है। दूसरी तरफ बड़े पार्कों में जहां शौचालय नहीं हैं, वहां इनका निर्माण किया जाएगा। अगर इन पार्कों में शौचालय पहले से ही बने हुए हैं तो इनकी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
ये अधिकारी रहे मौजूद -
बैठक में संयुक्त आयुक्त बेलिना, उपनिगम आयुक्त वीरेंद्र सहारण, एसई आनंद स्वरूप, एक्सईएन जयवीर सिंह डूडी, संदीप सिहाग, संदीप धुंधवाल, ईओ राजेश वर्मा, एमई अमित बेरवाल व सभी जेई उपस्थित रहे।