अपने होनहार बेटा-बेटी की रुकी छात्रवृत्ति के लिए गांव बिठमड़ा निवासी सतीश जांगड़ा गुरुवार को राज्यमंत्री अनूप धानक के आवास के सामने धरना पर बैठ गया। उनके साथ छठी कक्षा का छात्र इशांत व आठवीं कक्षा की छात्रा मुस्कान भी धरने पर रहे।
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गांव बिठमड़ा निवासी सतीश जांगड़ा ने बताया कि उसके बेटे इशांत और बेटी मुस्कान को पिछड़ा वर्ग के तहत छात्रवृत्ति मिलती है। पिछले एक साल से बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं आ रही। सतीश ने बताया कि इसके लिए वह सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगा चुका है। अधिकारी सुनवाई करने के बजाय टाल मटोल करते हैं।
सतीश जांगड़ा अपने बच्चों को लेकर गुरुवार को राज्यमंत्री अनूप धानक के उकलाना स्थित आवास पर पहुंचा और धरने पर बैठ गया। करीब एक घंटे बाद मंत्री के स्टाफ ने अधिकारियों से बातचीत की। इस पर अधिकारियों ने दस दिन में छात्रवृत्ति दिलाने का भरोसा दिया।