सिवानी मंडी। सिवानी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर किसानों ने प्रदर्शन किया। नए बस स्टैंड परिसर में हुई जनसभा में सैकड़ों किसान जुटे।
इसके बाद किसानों ने शहर के मुख्य मार्गों से पैदल मार्च करते हुए उपमंडल परिसर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार क्षेत्र में बारिश बेहद कम हुई है। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान रामकिशन भाकर ने की जबकि संचालन जंगबीर ढांडा ने किया। प्रदर्शन में दयानंद पूनिया, पूर्व विधायक ओमप्रकाश बड़वा, कविता आर्य समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों के अनुसार भिवानी जिले में सामान्य से 50 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई, जिससे खरीफ फसलों को सूखे की मार झेलनी पड़ी है। किसानों ने बताया कि सिवानी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर पिछले 22 दिनों से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
प्रदर्शन के दौरान गुरेरा मोड़ और पुराने बस अड्डे के पास कुछ समय के लिए जाम लगाया गया जिससे यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय एसडीएम विजया ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से मांगपत्र लिया और उनकी समस्याएं सुनीं।
किसानों ने चेतावनी दी कि 14 अक्टूबर तक तहसील को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया तो 15 अक्तूबर को नेशनल हाईवे-52 जाम किया जाएगा। उन्होंने विशेष गिरदावरी करवाने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की भी मांग की।