हिसार। भाजपा की जिला कार्यकारिणी बैठक का विरोध में शनिवार को किसान 8 घंटे तक जीजेयू के तीनों गेट पर झंडे लेकर डटे रहे। आरोप है कि बैठक खत्म होने के बाद वापस जा रहे भाजपा के काफिले में शामिल हांसी विधायक विनोद भयाना की गाड़ी में सवार एक व्यक्ति की ओर से प्रदर्शनकारी महिलाओं को अश्लील इशारा किया गया। इसके विरोध में किसानों ने शाम सात बजे दिल्ली रोड और बरवाला रोड पर जाम लगा दिया।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। करीब ढाई घंटे बाद रात साढ़े नौ बजे दोनों रास्तों को खोला गया। किसानों ने इस मामले में विनोद भयाना को सामने आकर माफी मांगने और आरोपी को रविवार 12 बजे तक किसानों के सामने लाने का अल्टीमेटम दिया है। अगर ऐसा नहीं किया तो किसान विनोद भयाना के आवास पर धरना देंगे।
विरोध के दौरान दिल्ली रोड स्थित रामायण टोल पर प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए इच्छापुरी महाराज ने कहा कि विधायक विनोद भयाना पर केस दर्ज होना चाहिए। जिनकी गाड़ी में सवार लोगों ने हमारी माताओं की ओर गंदा इशारा किया। इन लोगों ने किसानों को भड़काने के साथ दुर्व्यवहार करने का काम किया। किसान तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ 7 महीने से आंदोलनरत हैं, ऐसी हरकतों को किसी सूरत में सहन नहीं करेंगे।
किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ ने कहा कि किसान जब शांतिपूर्वक सरकार का विरोध कर रहे थे। विधायक के समर्थकों की ओर से गलत हरकत करना बड़े शर्म की बात है। ऐसे विधायक को कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं हैं। सरकार हिटलर शाही पर उतारू हो गई है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया जाए।
मैं किसान का बेटा हूं, ना तो कभी हमारी माताओं व बहनों को गलत नजरों से नहीं देख सकता और ना ही किसी को देखने देता। मैं खुद पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की गाड़ी में बैठा था। मेरी गाड़ी में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन बैठे थे। पूर्व मंत्री के निजी सचिव थे। अगर किसान मेरे सामने आकर रूबरू होना चाहते हैं तो वह उनके सामने आने को तैयार हूं। - विनोद भयाना, विधायक, हांसी
किसान बोले त्न वीसी ने फर्जी लेटर देकर गुमराह किया
हिसार। किसानों ने शुक्रवार को इस बैठक का विरोध किया था। इसके बाद जीजेयू प्रशासन की ओर से बैठक कैंसिल करने का पत्र थमाया था। कार्यकारी अभियंता के हस्ताक्षर वाले इस पत्र को देखकर किसान लौट गए थे। कुछ किसान जीजेयू के गेट पर ही धरना डालकर रात को रूके रहे। किसानों ने कहा कि वीसी झूठे हैं। उन्होंने फर्जी लेटर देकर किसानों को बरगलाया। इस मामले में कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर ने कहा कि पहले उन्होंने मीटिंग कैंसिल कर दी थी। देर रात आयोजकों ने ऐन वक्त पर अनुमति रद्द न करने का अनुरोध किया। जिसके चलते उन्होंने दोबारा से अनुमति दी।