हिसार। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने राजगढ़ रोड पर पक्का मोर्चा लगाया। इसके चलते हिसार-राजगढ़ रोड पर करीब 5 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने वाहनों को सेक्टर-15 के अंदर से डायवर्ट किया। इस दौरान किसानों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बीमा क्लेम को लेकर सहमति बनी। बैठक में अधिकारियों ने दावा किया कि जिले के 17 गांवों के किसानों का बीमा क्लेम खाते में डाल लिया है। अगले 20 दिन में सभी 72 गांवों के किसानों को बीमा क्लेम के रुपये खाते में डालने का लिखित आश्वासन दिया। शाम करीब 4:50 बजे किसानों ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए पक्का माेर्चा हटा दिया।
जिले के 72 गांवों के किसान 2022 के फसलों के बीमा क्लेम की मांग को लेकर पिछले लंबे समय से लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे हैं। किसानों ने अपने एलान के अनुसार वीरवार को ट्रैक्टर-ट्राॅली के साथ लघु सचिवालय के बाहर पक्का मोर्चा लगा दिया। किसानों के ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के कारण दोपहर करीब 12 बजे राजगढ़ रोड़ जाम हो गया। पुलिस ने राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को साउथ बाइपास जबकि फव्वारा चौक से राजगढ़ रोड की ओर जाने वाले वाहनों को सेक्टर-15 के अंदर के रोड पर डायवर्ट किया। प्रशासन ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया।
बैठक में प्रशासन की ओर से डीसी उत्तम सिंह, जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, कृषि उप निदेशक राजबीर सिंह जबकि किसानों के प्रतिनिधि मंडल में सतीश बैनीवाल, रणबीर मलिक, धर्मपाल बडाला, विकास सीसर, शमशेर सिंह नम्बरदार, डाॅ. करतार सिवाच, रवि आजाद, जिया लाल,दशरथ मलिक, दिलबाग सिंह हुड्डा, सुमन हुड्डा, सरदानंद राजली, सोमबीर पिलानियां, कैलाश मलिक देपल, अनिल बैंदा, सुरेंद्र आर्य आदि शामिल रहे।
सहमति का लिखित पत्र किसानों को सौंपा
उप कृषि निदेशक ने बैठक में बनी सहमति का लिखित पत्र किसानों को सौंपा। उप कृषि निदेशक राजबीर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर लिखित पत्र पढ़ा। उन्होंने कहा कि 17 गांवों का बीमा क्लेम करीब साढ़े 9 करोड़ किसानों के खातों में डाल दिए गए हैं। 13 गांव का बीमा क्लेम 4-5 दिनों तक डाल दिया जाएगा। 42 गांवों का बीमा क्लेम 20 दिनों के अंदर किसानों के खातों में डालने का आश्वासन दिया। इसके अलावा 2022 में सीएससी से बीमा कराने वाले 27842 लोगों के आवेदन किए गए आवेदनों पर जिला स्तर पर जांच की जाएगी। 2023 में बीमा क्लेम काटे गए किसानों को मुआवजा में शामिल करने पर मुख्यालय से संपर्क कर समाधान कराने का प्रयास किया गया। करीब शाम 4:50 बजे किसानों ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए पक्का माेर्चा हटा दिया। किसानों ने कहा कि 20 दिनों के बाद 1 मार्च को पक्का मोर्चा धरने पर महापंचायत करेंगे और बीमा क्लेम नहीं आया तो बड़ा फैसला लेंगे।