हिसार। संयुक्त जल संघर्ष समिति, जिला हिसार और पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को किसानों ने लघु सचिवालय के सामने महापड़ाव डालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सिंचाई व्यवस्था में सुधार, फसल नुकसान का मुआवजा, नहरों की सफाई और डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
किसानों और मजदूरों ने सभी नहरों व रजवाहों की तत्काल सफाई, 20 वर्ष से अधिक पुरानी नहरों और रजवाहों का पुनर्निर्माण, बरसात के मौसम में सभी नहरों में लगातार पानी छोड़ने, भाखड़ा नहर में पीछे से पूरा पानी छोड़कर अंतिम छोर तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचाने तथा घर-घर ड्रेन (जल निकासी) की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। उन्होंने खराब फसलों का पूरा क्लेम और मुआवजा जारी करने की भी मांग की।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य महासचिव संदीप सिवाच, रामगोपाल नंगथला, अमित ढाका, राजकुमार नंबरदार, विनय कुमार और राजेंद्र मिल ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था में सुधार, फसल नुकसान का मुआवजा दिलाना और कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान कराना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की लगातार अनदेखी कर रही है। खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा और किसान बिजली संकट से भी जूझ रहे हैं। किसान नेता सुरेंद्र मलिक चिकनवास, महेंद्र रिवॉर्ड, प्रताप सिंह वर्मा और उमेद सिंह मलिक दुर्जनपुर ने कहा कि किसानों को डीएवीपी के कार्यों के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने बीमा कंपनियों की कथित मनमानी पर रोक लगाने, डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हाई टेंशन (एचटी) बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा देने की मांग भी उठाई। महापड़ाव में चिकनवास, सुधीर मजेरना, दुर्जनपुर, डीवाईएफआई के राज्य प्रधान मुकेश कुमार, विजेंद्र सरोवा, आशू दुर्जनपुर, कामरेड रतन, राजकुमार मलिक, बलराज, सतीश डुडी मौजूद रहे।