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पराली जलाने की लोकेशन जांचने गए दो कर्मचारियों को किसानों ने बनाया बंधक

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फतेहाबाद/रतिया। जिले में पराली जलाने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। सोमवार को भी 24 स्थानों पर पराली जलाने की सूचना प्रशासन को मिली। रतिया के लाली रोड पर पराली बुझाने गए दो कर्मचारियों को किसानों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। 11 गांवों में सर्वाधिक पराली जलाए जाने को लेकर डीसी ने निगरानी कमेटी के 54 सदस्यों को नोटिस जारी कर दिए हैं। लगातार पराली जलने के कारण रविवार रात को जिले का एक्यूआई 420 तक पहुंच गया। वहीं सोमवार दिनभर भी एक्यूआई 330 के आसपास रहा।
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रतिया के लाली रोड पर सदर थाने के नजदीक सोमवार को पराली जलाने की लोकेशन मिलने पर निरीक्षण करने गए कृषि विभाग के सुपरवाइजर जगमीत सिंह, राजस्व पटवारी के सहायक सन्नी को किसानों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मचारियों को किसानों के चंगुल से मुक्त करवाया। वहीं किसानों ने चेतावनी दी कि अगर कृषि विभाग के अधिकारी दोबारा खेतों में लोकेशन चेक करने आए तो उन्हें बंधक बनाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह व अन्य किसानों ने कहा कि उनकी किसी भी कर्मचारी से कोई दुश्मनी नहीं है, प्रशासन द्वारा पराली का कोई हल नहीं निकाला जा रहा, जिस कारण किसान पराली को आग लगाने को मजबूर हो रहे हैं। किसान कई बार डीसी व कृषि विभाग के अधिकारियों से पराली की समस्या हल करने व यंत्र उपलब्ध करवाने की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन यंत्र उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे। गेहूं की बिजाई नजदीक होने के कारण मजबूरन किसानों को पराली जलानी पड़ रही है। रतिया पुलिस के कर्मचारी दयाराम व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसानों से बातचीत कर बंधक बनाए गए दोनों कर्मचारियों को छुड़वाया और अपने साथ लेकर चले गए।
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डीसी ने तीन दिन में मांगा जवाब
जिला के 11 गांवों में पराली जलाने की घटनाओं के चलते उपायुक्त जगदीश शर्मा ने संबंधित गांवों में पराली प्रबंधन के लिए नियुक्त निगरानी कमेटी में शामिल कृषि, राजस्व व पंचायत विभाग के 54 अधिकारियों, कर्मचारियों व सदस्यों को नोटिस जारी किया है। उपायुक्त ने सभी से नोटिस के माध्यम से तीन दिन में जवाब मांगा है। जिले के 11 गांवों में पांच या पांच से अधिक पराली जलाए जाने की घटनाएं हुई हैं, जिस पर उपायुक्त जगदीश शर्मा ने यहां पर नियुक्त निगरानी कमेटी के 54 सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन गांवों में हरसेक द्वारा भेजी गई तस्वीरों के अनुसार गांव मुंदलिया में 12, बीघड़ और टोहाना में सात-सात, नांगली में छह तथा अमाणी, भोडी, भिरडाना, लालोदा, म्योंद, बोगनवाली, मुसाखेड़ा और सनियाना में पांच-पांच जगह पराली जलाई गई है। उपायुक्त ने इनसे संबंधित 25 नंबरदार, 10 पटवारी, 10 ग्राम सचिव, कृषि विभाग से 9 सुपरवाइजर व निरीक्षकों को नोटिस भेजा है। पराली जलाने की घटनाओं को देखते हुए अब तक निगरानी कमेटी के 107 सदस्यों को डीसी के द्वारा नोटिस दिया जा चुका है।
सोमवार को आई 24 स्थानों की लोकेशन
जिले में पराली जलाने का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। हरसेक ने सोमवार को कृषि विभाग को 23 स्थानों की फायर लोकेशन भेजी, वहीं कृषि विभाग को अन्य स्त्रोतों से गांव कानाखेड़ा में पराली जलाने की सूूचना मिली। जिले में अब तक 361 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और कृषि विभाग ने 104 किसानों को दो लाख 62 हजार 500 रुपये का जुर्माना किया है। पराली जलाने की घटनाओं के चलते जिले में रविवार रात को एक्यूआई का स्तर 420 पर पहुंच गया था और सोमवार को दिनभर भी एक्यूआई 330 के खतरनाक स्तर पर रहा।
किसान को शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का कारण बताओ नोटिस जारी
खेत में धान की पराली जलाने पर जिलाधीश जगदीश शर्मा ने खासा पठाना निवासी बलराज सिंह को कारण बताओ नोटिस दिया है। नोटिस में कहा है कि बलराज सिंह ने अपने खेत में धान के अवशेषों को जलाया है। इसलिए भारतीय शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17-3 के तहत आप इस विषय में अपना लिखित उत्तर तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करें। जवाब न मिलने पर माना जाएगा कि वह कुछ नहीं कहना चाहते है तो शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
कई गांवों में लगातार पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कृषि विभाग को कैंप लगाकर किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक करने को कहा गया है। वहीं जिन गांवों में अधिक पराली जलाई गई है, उसके लिए निगरानी कमेटी के 54 लोगों को नोटिस दिया गया है।
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- जगदीश शर्मा, उपायुक्त फतेहाबाद
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