किसान मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार को जिले में 40 जगहों पर चक्का जाम किया गया। किसानों ने कृषि कानूनों को लेकर अपना रोष जाहिर किया। दोपहर 12 से 3 बजे तक इन जगहों पर रोड जाम कर वाहनों का आवागमन पूरी से बंद कर दिया गया। चक्का जाम में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। हालांकि किसी अप्रिय घटना को रोकने को लेकर जिला पुुलिस प्रशासन की तरफ से जिले में पुलिस बल की 14 कंपनियां तैनात की गई थीं और दो कंपनियों को रिजर्व रखा गया था।
शहर में राजगढ़ रोड नाके व तोशाम रोड पर आधार अस्पताल के पास तीन घंटे तक धरना दिया गया। सुबह करीब सवा 12 बजे 25-30 की संख्या में युवा राजगढ़ रोड नाके पर पहुंचे और चौक के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना पाकर सिविल लाइन थाने से पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद कुछ राजनीतिक दलों के लोग भी यहां पहुंचे। इसी बीच युवाओं ने रास्ता जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सख्ती से युवा रास्ता जाम नहीं कर सके। इसके अलावा तोशाम रोड पर आधार अस्पताल के पास भी कृषि कानूनों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया।
रामायण टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर 12 बजे सैकड़ों किसानों ने एकत्रित होकर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। चक्का जाम में बच्चे, महिला और पुरुष पैदल व गाड़ियों व ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचे। मंच संचालन मनोज राठी ने किया। मनोज राठी ने सरकार को चेतावनी दी कि समय कितना ही लंबा चले हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर सतबीर पूनिया, कपूर सिंह पूनिया, रामअवतार तायल, राजेश लांबा, राजेश कासनिया, उमेद लोहान, सुरेश पानू सहित काफी किसानों ने धरना प्रदर्शन को संबोधित किया। इसके अलावा हांसी-दिल्ली मार्ग पर वकीलों और हांसी-जींद मार्ग पर गगनखेड़ी व हांसी-नारनौंद मार्ग पर गांव मसूदपुर में भी चक्का जाम किया गया।
राष्ट्रव्यापी भारत बंद के तहत गांव बधावड़, खरक पूनिया, ज्ञानपुरा, बालक चौपटा, ढाणी मिरदाद, खानपुर, प्रेमनगर, बाडो पट्टी टोल प्लाजा व शहर के अग्रसेन चौक पर किसानों-मजदूरों ने जाम लगाया। जाम के दौरान महिलाओं ने भी काफी संख्या में शिरकत की। इस मौके पर किसान-मजदूरों ने किसान नेताओं व किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने, इंटरनेट सेवाएं बहाल करवाने व तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने आदि मांगों को दोहराया व शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। सबसे अधिक भीड़ बाडो पट्टी टोल पर रही। यहां लोग ट्रैक्टरों-ट्रॉलियों पर सवार होकर अपने गांवों से आए। पुलिस प्रशासन द्वारा भी एहतियात के तौर पर विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की हुई थी। बरवाला डीएसपी रोहतास सिहाग क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर गश्त करते नजर आए।
राजस्थान सीमा से लगते नेशनल हाईवे नंबर 52 पर उपमंडल के गांव झुंपा के मेन चौक पर जमा हुए किसानों ने तीन घंटे पूर्ण रूप से जाम रखा। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। यहां धरने की अध्यक्षता पूर्व सरपंच मोहन लाल व बलदेव बिशनोई ने की। किसान सभा के राज्य सचिव दयानंद पूनिया ने बताया कि केंद्र सरकार अपने चहेते पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिऐइन तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। सभा में प्रस्ताव पास किया गया कि गांव-गांव में किसानों की कमेटियां बनाकर पैसे इकठ्ठे करके हर गांव से 10 किसान शाहजहांपुर बॉर्डर के लिएर ाशन लेकर जाएंगे। उधर, चौधरीवास टोल प्लाजा पर टोल फ्री धरना शनिवार को 44वें दिन भी जारी रहा। टोल पर 42 गांवों के किसान-मजदूरों की महापंचायत का आयोजन किया गया।
क्षेत्र में आदमपुर, कोहली, चूली देशवाली, मोडाखेड़ा व काबरेल में किसानों ने रोड जाम किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर आदमपुर पुलिस के कर्मी तैनात रहे। आदमपुर बाईपास पर प्रदर्शन की अध्यक्षता दलीप सिंह राहड़, नरषोत्तम बिश्नोई एवं ओमविष्णु बेनीवाल, गांव काबरेल में धरने की अध्यक्षता महेंद्र सिंह स्वामी, अनूप बैनीवाल व कपूरा बगला ने की, जिसमें काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया। मोडाखेड़ा में पूर्व सरपंच देवीलाल सिंवर के नेतृत्व में रोड जाम की गई। वहीं चूली देशवाली में ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। आदमपुर में धरने को मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे पूर्व जिला पार्षद सुरेश कामरेड, सतवीर सिंह धायल व कृष्ण सावंत ने संबोधित किया।
किसानों की तरफ से राखी बाराह खाप ने जींद बरवाला और नारनौंद उचाना रोड़ को खेड़ी चौपटा पर जाम किया। वहीं सतरोल खाप ने माजरा प्याऊ पर जींद हांसी व बास में भिवानी चंडीगढ़ रोड पर शांतिपूर्ण तरीके से 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम किया।
चौधरीवास टोल प्लाजा पर चक्का जाम करते ग्रामीण।- फोटो : Hisar