हांसी। टोहाना में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए किसानों की रिेहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत 24 घंटे तक रामायण टोल पर किसानों के बीच रहे। वह वीरवार शाम करीब छह बजे टोल पर पहुंचे थे। इस दौरान टिकैत ने कहा कि फतेहाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए किसान पिछले 6 महीने से तीन कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर व एमएसपी की गारंटी को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा पकड़े गए किसानों को बागी बताए जाने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि कोई बागी नहीं है। उन्होंने जो बयान दिया है, इसके लिए वे गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी समझा देंगे। गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को तो पुलिस ने छोड़ दिया हैं, जबकि कुछ को अभी तक नहीं छोड़ा गया है। जब कोई मामला हुआ है तो सभी ने ही किया है। जिन्हें पकड़कर रखा है वे कोई दूसरी जगह से थे क्या।
इन जगहों पर गए राकेश टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत उगालन गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हिसार क्रांतिमान पार्क धरने में शहीद हुए किसान रामचंद्र के निधन पर शोक जताया। वे उमरा गांव में भी एक किसान के घर शोक प्रकट करने गए। उन्होंने खांडाखेड़ी व पुट्ठी समैण गांव में किसान पंचायतों को संबोधित किया। इस अवसर पर किसान नेता प्रेम सिंह मलिक, कुलदीप खरड़, जिला पारिषद के पूर्व चेयरमैन डॉ. राजेन्द्र सूरा, दशरथ मलिक सहित अन्य किसान नेताओं ने धरने को संबोधित किया।
अमर उजाला पढ़कर की दिनचर्या की शुरुआत
भारतीय किसान यूनियन के राष्टीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को सुबह उठते ही अमर उजाला अखबार मंगवाया और पढ़ना शुरू किया। टिकैत ने कहा कि वह काफी वर्षों से अमर उजाला पेपर पढ़ते हैं। उनके घर में भी यही अखबार आता है।
आज विधायक के आवास पर तीनों कानूनों की जलाएंगे प्रतियां
किसान मोर्चे के आह्वान पर शनिवार को पूरे प्रदेश में विधायकों के आवास पर किसान एकत्रित होंगे और वहां पर सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जला कर अपना विरोध प्रकट करेंगे। किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि प्रतियां जलाकर हम सरकार नींद में सोए हुए को जगाने का काम करेंगे।
रवि आजाद व विकास सिसर हैं जेल में
टोहाना में विधायक देवेंद्र बबली का घेराव करने वाले किसान नेताओं को एक रात पुलिस हिरासत में रखा गया था। मगर अगले दिन ही काफी संख्या में किसानों को छोड़ दिया था। वहीं किसान नेता रवि आजाद व विकास सिसर पर मामला दर्ज करके उन्हें जेल में भेज दिया। इसी के विरोध में किसानों ने रामायण टोल प्लाजा पर जाम लगाया हुआ था।
48 घंटे से ज्यादा हाईवे रहा जाम
किसानों ने रामायण टोल प्लाजा पर 48 घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगाए रखा। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण नेशनल हाईवे पर बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस के जवान दिन भर वाहनों को हांसी कैंची बाईपास से डायवर्ट करते रहे।