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Hisar News: तलाक की कगार पर पहुंचा परिवार फिर जुड़ा, लोक अदालत ने बसाया घर

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हिसार। राष्ट्रीय लोक अदालत ने शनिवार को तलाक की कगार पर पहुंचे दंपती के वैवाहिक विवाद का आपसी सहमति से निपटारा कर परिवार को फिर जोड़ दिया। समझौते के बाद दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देश पर हिसार, हांसी, बरवाला और नारनौंद के न्यायिक परिसरों में नौ बैंचों के माध्यम से लोक अदालत लगाई गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक के मार्गदर्शन में 29,912 मामले सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें 28,110 का निपटारा हुआ।

एमएसीटी के 76 मामलों में से 39 का निपटारा करते हुए 2.62 करोड़ रुपये के दावे मंजूर किए गए। चेक बाउंस के 1,365 में से 1,355 और समरी चालान के 629 में से 566 मामलों का भी निपटारा हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक ने बताया कि लोक अदालत मुकदमों के समाधान का सरल और कम खर्च वाला माध्यम है। इसमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद सुलझा सकते हैं। परिवार न्यायालय में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश मधुलिका की अदालत में लंबित इस वैवाहिक विवाद को अधिवक्ता मीनू रहेजा के सहयोग से सुलझाया गया।
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बीमा कंपनी और शिकायतकर्ता में 6 लाख रुपये में समझौता

मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता किरण देवी और बीमा कंपनी के बीच छह लाख रुपये में राजीनामा हुआ। सड़क दुर्घटना में लगी चोटों के मुआवजे के लिए उन्होंने दावा याचिका दायर की थी। मामले में बस चालक, बस मालिक और बीमा कंपनी प्रतिवादी थे। दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का निपटारा कर दिया गया।

लोन की सभी किस्तें भरने पर चेक बाउंस का मामला खत्म

महलसरा गांव निवासी हिमांशु गोदारा ने वर्ष 2025 में बैंक से लोन लिया था। किस्तें जमा न होने पर भुगतान के लिए दिया गया चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। शनिवार को हिमांशु ने सभी बकाया किस्तें जमा कर दीं। बैंक से समझौते के बाद मामले का निपटारा हो गया।

8.65 लाख रुपये के लोन का आपसी सहमति से निपटारा

खरक पूनिया गांव निवासी रविंद्र ने वर्ष 2014 में बैंक से 8.65 लाख रुपये का लोन लिया था। किस्तें जमा न होने पर चेक बाउंस होने के बाद बैंक ने अदालत में मामला दायर किया था। शनिवार को दोनों पक्षों में समझौता होने पर मामले का निपटारा कर दिया गया। एचडीएफसी बैंक के लीगल एडवाइजर अधिवक्ता गौरव नैन ने बताया कि जेएमआईसी हर्षा शर्मा की अदालत में एचडीएफसी बैंक के 15 और अन्य बैंकों से संबंधित मामलों का भी निपटारा हुआ। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लंबे समय से चल रहे मामलों का आसानी से समाधान हो जाता है। अगली लोक अदालत दिसंबर में होगी।
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