पकंज ने बताया कहा कि मेरे पिता रिटायर हुए तब सेक्टर 1-4 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान लिया था। उसकी रजिस्ट्री व इंतकाल मेरी मां शकुंतला के नाम थे। तब बूढाखेड़ा के लालचंद ने कहा था यह मकान मेरा है, मैंने 20 लाख रुपए दे रखे हैं। उसने मेरी मां के खिलाफ केस कर रखा है। वह मेरे पिता को बार-बार तंग करता था।
इसके अलावा कैंट एरिया के जसबीर और कैमरी रोड निवासी उसके दोस्त ने पिता से मेरे को पंजाब में डी.एस.पी. लगवाने का झांसा देकर 25 लाख रुपए लिए थे। वे बाद में मुझे कनाडा व इंग्लैंड भेजने के नाम पर और रुपए की डिमांड करने लगे। इन सब बातों की वजह से मेरे पिता मानसिक तौर पर परेशान रहने लगे। उन्होंने दो मकान बेचे दिए और लोन भी लिया। इन सब बातों का जिक्र मेरे पिता ने कंपलेंट बुक में किया है। मेरे पिता ने परेशान होकर आत्महत्या की है। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया है।
आदरणीय मम्मी पापा मुझे माफ कर देना।आपने ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए थे कि मैं ऐसा कदम उठाऊं। लेकिन मम्मी-पापा मजबूरी हैं। मैं चारों ओर से घिर चुका हूूं। मैंने लड़ने की बहुत कोशिश की लेकिन बोलते हैं कि इंसान तब तक हाथ पैर मारता है जब तक मंजिल तक पहुंच जाए। मैंने जितनी कोशिश की मेरी मंजिल उतनी ही दूर हो गई। इसके लिए मुझे आप अभी से अपने चरणों में ले लेना।
मेरी अर्धांगिनी शंकुतला, प्यारी प्यारी बिटिया मन्नी, सन्नी, गुन्नू व प्यारे बेटे मुझे माफ कर देना। तुम्हारा पति व बेटा-बेटी तुम्हारा पापा इतना कायर नहीं था। दुनिया ने बना दिया तब मैं यह कदम उठा रहा हूं। आगे सुनो यह कदम उठाने का कारण। सोनिया, सीमा, सुनीता व एक और उसका नाम पता नहीं देखो अभी भी इनकी हिम्मत।
जज साहब को बोल रही है कि पांच साल हो गए जज साहब इनको सजा दो। यह लेटर जज साहब को भी दिखा देना। जज साहब इन औरतों को संस्कार नहीं दिए गए। पंकज बेटा मेहनत करना। तीन लाख तुम्हें व टोनी को खुद मिल जाएंगे। पूरे परिवार तेरे बलवंत मौसा और मक्कड़ को दे देना और बाद में इनसे कोई वास्ता मत रखना। मैंने टोनी को 15 लाख का दिया है। इसके बाद भी मेरे पर लोन है। जैसे मेरे को बार-बार फोन करता है मेरे बेटे को मत करना।
मैंने अपने बेटे को बता दिया है वह आपके जितने भी पैसे होंगे। बेटा अपनी मम्मी व बहन को बिल्कुल दुख मत देना नहीं तो मेरी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। हां पंकू बेटे पुलिस वाले कुत्ते ने उन पर केस मेरे झूठे साइन कर रखे हैं वे मिला लेना, ये मेरे साइन हैं। जयबीर कैंट में रहता है और ये उसका दोस्त, उसका दोस्त कैमरी रोड नाके पर उसका घर है। उन दोनों ने मुझे झूठ बोल कर फंसा लिया।