हिसार। ढाणी गारण गांव निवासी 48 वर्षीय जिले सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों व ग्रामीणों सहित कई संगठनों ने वीरवार को नागरकि अस्पताल में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान परिजनों ने मृतक जिले सिंह का शव लेने से भी इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक जिले सिंह का शव नहीं लेंगे। दोपहर बाद डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार भी नागरिक अस्पताल पहुंचे और परिजनों से शव उठाने के लिए आग्रह किया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव उठाने से साफ इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है।
मृतक जिले सिंह के बेटे श्याम सुंदर ने कहा कि उसके पिता ने करीब तीन दिन पूर्व ही स्वयं पर हमले की आशंका जताते हुए एसपी बलवान सिंह राणा से मुलाकात कर सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी। श्यामसुंदर ने कहा कि पुलिस की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अगर पुलिस समय रहते उसके पिता को सुरक्षा मुहैया करवाती तो शायद उसके पिता जिंदा होते। श्यामसुंदर ने कहा कि गांव ढाणी गारण में उसके पिता की किराने की दुकान है। हर रोज की तरह बुधवार को भी उसके पिता दुकान पर थे। उस दौरान शाम करीब 7 बजे बाइक सवार तीन युवक वहां आए और उसके पिता पर फायर शुरू कर दिए। श्यामसुंदर ने तीनों युवकों के नाम हिसार की शिव कॉलोनी निवासी जयबीर, मंजीत व सोनू बताए हैं। श्यामसुंदर ने कहा कि ये आरोपी मूल रूप से गांव बास के निवासी हैं। हमले में उसके पिता को एक गोली नाक पर व दो गोली पेट में लगी हैं। उसने बताया कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस की लापरवाही से गई जान
नागरिक अस्पताल में वीरवार को पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला, कांग्रेस लीगल सेल के प्रदेश चेयरमैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल, बसपा नेता पवन बलराज सातरोड़, संजय चौहान सहित कई संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता लालबहादुर खोवाल ने कहा कि मंगलवार को मृतक जिले सिंह के परिजनों ने उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने 14 मई को शिव नगर में ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर हुए विवाद के बारे जानकारी देते हुए बताया कि उनके रिश्तेदार सुनील पर रोहतक में हुए हमले के बाद से उन्हें शक है कि आरोपी उन पर भी हमला कर सकते हैं। उन्होंने एसपी से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई थी।
मुझसे नहीं मिला था जिले सिंह
मंगलवार को सुनील, उसकी मां, उसका भाई और उसका फूफा मेरे से मिलने आए थे। उन्होंने अपने लिए सुरक्षा मांगी थी और उसी दिन सुनील व उसके परिवार को सुरक्षा दे दी गई थी, जो अब तक जारी है। उन्होंने न तो किसी दूसरे के लिए सुरक्षा मांगी और न ही जिले सिंह (मृतक) मेरे पास मिलने आया था। उन्होंने इस बात का भी कोई जिक्र नहीं किया था कि किसी और को भी खतरा हो सकता है।
-बलवान सिंह राणा, एसपी, हिसार।
दो गनमैन की सुरक्षा दी है
पीड़ित परिवार को दो गनमैन की सुरक्षा दे दी गई है। इसके अलावा गांव में पुलिस पीसीआर भी समय-समय पर गश्त करती रहेगी। मामले में जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं।
- अशोक कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर, हिसार।
ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर दिया धरना
बरवाला। गांव ढाणी गारण में किराने की दुकान चलाने वाले जिले सिंह की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वीरवार सुबह ढाणी गारण व आसपास के गांवों के ग्रामीण बरवाला बाईपास पर रेलवे पुल के पास धरना देकर बैठ गए। देर रात तक ग्रामीणों का धरना जारी रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने एलान किया कि जब तक हमले के आरोपी काबू नहीं किए जाते वे धरने पर बैठे रहेंगे।
नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक जिले सिंह के परिजन, वरिष्ठ अधिवक्ता लालबहादुर खोवाल, संजय चौहान व अ- फोटो : Hisar