हिसार। नगर निगम के फर्जी मेडिकल बिल मामले में आरोपी जोनी को 2 दिन के रिमांड के बाद रविवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। रिमांड के दौरान जोनी से 2 हजार रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फर्जीवाड़े में उसके साथ एएसआई सुरेंद्र व बेलदार सुनील शामिल रहे। उसने 8 फर्जी बिल पास निगम से पास करवाए। उधर, पुलिस ने इस मामले में जोनी को जेल भेजने के बाद बाकी तीन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय में 27 अगस्त 2024 को सफाई कर्मचारी दलविंद्र ने अपनी पत्नी के नाम से मेडिकल बिल जमा करवाया था। जांच के दौरान मेडिकल बिल फर्जी मिला था। नगर निगम प्रबंधन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंप दी थी। उसके बाद प्रबंधन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को शिकायत दी थी। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 27 नवंबर 2024 को डाटा एंट्री ऑपरेटर जोनी, एएसआई सुरेंद्र, बेलदार सुनील व सफाई कर्मचारी दलविंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। 30 जनवरी को जांच कमेटी ने पूछताछ के लिए आरोपी जोनी व एएसआई सुरेंद्र को निगम कार्यालय बुलाया था। इस दौरान जोनी पूछताछ में शामिल होने के लिए निगम कार्यालय पहुंचा था। इस दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।