छत्तीसगढ़ के विलासपुर से पकड़ा गया फैक्टरी मालिक राममेहर।
- फोटो : Hisar
सिर्फ 10वीं पास डाटा गांव निवासी किसान राममेहर को जल्द अमीर बनने की उसकी ख्वाहिश ने उसे अपराध की दुनिया की ओर कब धकेल दिया, उसे भी नहीं पता चला होगा। किसानी छोड़कर पहले उसने बिजनेस में कदम रखा। करीब एक साल तक डिस्पोजल की फैक्टरी चलाई, लेकिन वह बंद कर दी और उसके बाद डिस्पोजल के रॉ मटीरियल की फैक्टरी लगाई, जिसे वह अभी भी चला रहा था। अब बीमा की मोटी रकम हड़पने के लिए या अन्य कारणों से अपनी ही मौत की साजिश रचकर राममेहर कानून के शिकंजे में फंस गया है।
पूर्व नियोजित साजिश के अनुसार उसने एलआईसी से करीब चार माह पहले ही 50 लाख रुपये की पॉलिसी ली थी, जिसकी एक ही किस्त भरी थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने इस षड्यंत्र की योजना 4 माह पहले से ही बनानी शुरू कर दी थी। इसके अलावा राममेहर की एसबीआई से 1 करोड़ 10 लाख रुपये की पॉलिसी भी थी। फिलहाल मामले में बहुत सारे सवाल हैं, जिनका खुलासा राममेहर के हांसी पहुंचने और पुलिस द्वारा उससे पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी कि भाटला से महजत रोड पर राममेहर को बदमाशों ने उसे घेर रखा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो जली हुई कार में एक कंकाल मिला था। परिजनों ने 11 लाख रुपये लूटने की बात भी पुलिस को बताई थी।
गाड़ी में लगा था हैंड ब्रेक
एसपी लोकेंद्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि तफ्तीश के दौरान पुलिस ने देखा कि वारदात स्थल पर गाड़ी को साइड में पार्क किया गया था। गाड़ी की हैंड ब्रेक भी लगा हुआ था। भाटला से महजत रोड पर जहां वारदात हुई, वह लिंक रोड है। ऐसे में दो बाइकों व एक गाड़ी द्वारा घेराव कर ओवरटेक करना उस मार्ग पर बेहद मुश्किल है। इसके अलावा एक बात यह भी है कि किसी भी गाड़ी को बाहर से लॉक नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति को गाड़ी में बंद कर जलाया जाता है तो वह गाड़ी का लॉक खोल कर बाहर निकलने का प्रयास जरूर करेगा।
महिला ने राममेहर को किए कॉल
राममेहर की कॉल डिटेल ने इस मामले को सुलझाने में काफी मदद की है। कॉल डिटेल में यह सामने आया है कि राममेहर को एक महिला ने कई बार कॉल किए। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर राममेहर की फैक्टरी पर पहुंची। वहां एक महिला कर्मी से पूछताछ की, जिसमें पुलिस को राममेहर के पास तीन फोन नंबर होने की बात पता चली। ट्रेस करने पर पुलिस को राममेहर का तीसरा नंबर ऑन मिला। इस पर पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में पता चला। सीआईए हांसी की टीम ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचकर उसे काबू कर लिया। पुलिस शुक्रवार देर रात तक उसे हांसी लेकर आएगी।
पहले दिन ही पुलिस को शक हो गया था मामला फर्जी है
गाड़ी के साइड में खड़े होने, उसके हैंड ब्रेक लगे होने, राममेहर की करोड़ों की पॉलिसी होने, एक ही महिला द्वारा बार-बार फोन करने, परिजनों के बयानों में एकरूपता न होने आदि ऐसे अनेक कारण थे, जिनसे पुलिस को पहले दिन से ही शक था कि यह मामला फर्जी है। पुलिस उसी थ्योरी पर काम कर रही थी। पुलिस को यह भी मालूम हो गया था कि राममेहर मरा नहीं है। जैसे ही राममेहर की कॉल डिटेल में एक ही महिला द्वारा अनेक बार फोन करने की जानकारी मिली और उसकी फैक्टरी जाकर महिला से पूछताछ की गई तो मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।