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बस स्टैंड के हाल बेहाल : कोरोना का डर न नियमों का परवाह

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बस स्टैंड पर खड़ी हिसार से भादरा जाने वाली बस में खचाखच भरीं सवारियां। - फोटो : Hisar
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अश्वनी कुमार
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हिसार। 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन से लेकर आज अनलॉक-4 के दौरान तक के 162 दिनों के दौरान हरियाणा राज्य परिवहन डिपो हिसार में कुछ बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। केवल लॉकडाउन के दौरान 98 दिनों तक बसों के पहिये जरूर थमे रहे, लेकिन एक जून से जब बसें फिर से चलना शुरू हुईं तो कोरोना महामारी के चलते कुछ शर्तें और नियम तय किए गए थे, जो कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी थे।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने इन नियमों का कितना पालन हो रहा है, इसकी पड़ताल की। बस स्टैंड पर जाकर देखा तो लॉकडाउन से पहले जैसा ही नजारा दिखाई दिया। केवल 20 से 30 प्रतिशत लोग ही मास्क लगाए दिख रहे थे। सामाजिक दूरी के नियम का तो किसी को भी ख्याल नहीं था। बसों में सीटों तक यात्रियों की संख्या निर्धारित की है, लेकिन 52 सीटों वाली बस में 65 सवारियां भरी नजर आईं, जो बीच की जगह में खड़ी थीं। थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों पर थी, वे केवल औपचारिकता निभाते नजर आए। कोई उनके पास जाकर जो हाथ सैनिटाइज करने को कहता तो ही सैनिटाइज करवा रहे थे, स्वयं से किसी के हाथ सैनिटाइज करवाते नजर नहीं आए। मास्क, सामाजिक दूरी जैसे निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने में यात्री ही नहीं, बल्कि डिपो कार्यालय का स्टाफ सदस्य भी पीछे नहीं था।
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ऐसा था बस स्टैंड का नजारा
बुधवार सुबह 11:25 बजे। बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़। कोई बस से उतरकर अपने घर की ओर प्रस्थान कर रहा था तो कोई बस में बैठकर जा रहा था। 80 प्रतिशत यात्रियों ने मास्क तक नहीं लगाए हुए थे। वहां खड़ी हिसार से भादरा जाने वाली बस खचाखच भरी थी। 52 सीटों पर तो सवारियां बैठी ही थीं, लेकिन बीच में भी खड़ी थीं। गिनती की गई तो बस में चालक-परिचालक समेत 65 सवारियां मिलीं। इतना ही नहीं जब अमर उजाला फोटोग्राफर का कैमरा क्लिक हुआ तो परिचालक ने सीटों से अतिरिक्त सवारियों को बस से उतार दिया। इन सवारियों में भी कुछ लोग ही मास्क लगाए हुए दिख रहे थे। कुछ ने क्लिक होते देख अपने परने को मुंह पर ढक लिया था।
रोडवेज जीएम और टीएम की आई थी रिपोर्ट पॉजिटिव
रोडवेज जीएम और टीएम की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी बस स्टैंड पर कोरोना से बचाव करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। कार्यालय में भी कर्मचारियों के बीच किसी प्रकार की सामाजिक दूरी देखने को नहीं मिली। यहां तक कि रोडवेज कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी मास्क लगाने से बच रहे हैं। हालांकि बार-बार मुनादी कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, बावजूद लोग कोरोना से बचाव करने के लिए नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
इतने काटे गए मास्क नहीं लगाने वाले लोगों के चालान
- नगर निगम की ओर से 1200 चालान।
- पुलिस की ओर से 11531 चालान।
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10500 चालान।
बस स्टैंड पर नहीं काटे जा रहे चालान
बस स्टैंड पर अधिकतर यात्री मास्क लगाए बिना ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन लोगों पर पुलिस भी शिकंजा नहीं कस रही है, जबकि काफी दिन पहले ही उपायुक्त की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि कोई भी बस स्टैंड पर बिना मास्क दिखाई दे तो उनका चालान किया जाए मगर बस स्टैंड पुलिस की ओर से कोई भी चालान नहीं काटे जा रहे हैं। ऐसे में लोगों में किसी प्रकार का कोई खौफ नहीं है।
अभी ट्रेन चलाने के कोई आदेश नहीं
फिलहाल हिसार से गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन ही रवाना हो रही है। अभी तक अन्य ट्रेनें चलाने के कोई आदेश नहीं मिले है। हालांकि रोजाना काफी लोग ट्रेन कब चलेगी की जानकारी लेने रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं। रेलवे के सीएमआई संदीप मीणा का कहना है कि अभी उनके पास ट्रेन चलाने को लेकर कोई भी आदेश नहीं आए हैं।
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अतिरिक्त सवारियां बैठाना गलत
बस में सीट फुल होने के बाद अतिरिक्त सवारियों को बैठाना गलत है। बस के चालक और परिचालक को बुलाकर सवारी ज्यादा भरने का कारण पूछा जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज।
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