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Hisar News: पुरातात्विक महत्व के स्थल राखीगढ़ी में पांचवी बार शुरू हुई खोदाई

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नारनौंद। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शनिवार को पुरातात्विक महत्व के स्थल राखीगढ़ी में हड़प्पा स्थल पर पांचवीं बार खोदाई शुरू कर दी है। इस पुरातात्विक स्थल पर 21 व 22 जनवरी को दो दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का आयोजन अस्तित्व हेरिटेज द्वारा कराया जा रहा है।
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खोदाई करने वाली टीम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संयुक्त महानिदेशक डॉ. संजय मंजुल, डेक्कन कॉलेज के पूर्व कुलपति वसंत शिंदे और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार शनिवार को राखीगढ़ी पहुंचे। इन लोगों ने सबसे पहले टीला नंबर एक पर पिछले साल हुई खोदाई को देखा। बताया कि पिछले साल वाली साइट को आगे बढ़ाया जाएगा। पिछली बार इस जगह कच्ची ईंटों की दीवार और सड़क मिली थी। अबकी बार यह जानने की कोशिश की जाएगी कि यह सड़कें किस प्रकार बनाई जाती थीं और सड़कों के किनारे मकान कैसे होते थे।
डॉ. मंजुल ने बताया कि उन्होंने टीला नंबर एक से खोदाई शुरू की है। पिछली बार हुई खोदाई की साइट को दोबारा से खोला गया है। अन्य टीलों पर भी खोदाई की जाएगी। म्यूजियम के लिए हरियाणा सरकार, भारत सरकार व आर्कोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया मिलकर प्रयास कर रही हैं। इसको जल्द पूरा किया जाएगा। इसके लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। इसके चारों तरफ की जगह को भी विकसित करने की प्लानिंग है। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी को दुनिया की सबसे बड़ी साइट के रूप में जाना जाता है। उस समय के रहने वाले लोगों के जीवन यापन व रहन सहन की जानकारी जुटाई गई है। जैसे-जैसे खोदाई आगे बढ़ेगी, राखीगढ़ी के रहस्यों से पर्दा उठता जाएगा। दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान नोएडा व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से उत्खनन किया जा रहा है। मई में खोदाई के दौरान मिले दोनों कंकालों के सैंपल की अभी जांच चल रही है।
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