परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के प्रशासन के इंतजाम मंगलवार को धरे के धरे रह गए। अंग्रेजी की परीक्षा के समय केंद्र के बाहर जहां धारा 144 बेअसर रही, वहीं केंद्र की दीवारों पर नकल डालने आए लोगों ने प्रशासन के दावों की पहले ही दिन पोल खोल दी।
200 मीटर की दूरी में ही लोग गाइडें लेकर समूह के रूप में नकल बनाते रहे, लेकिन इन्हें हटाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाओं के पहले दिन प्रशासन के इंतजाम अव्यवस्था की भेंट चढ़ गए। परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल चली। लोग दीवार फांदकर केंद्र में बिना किसी रोक-टोक के नकल डालते रहे।
यही नहीं केंद्र के आसपास धारा 144 के बावजूद लोग समूह बनाकर नकल तैयार करते रहे। यही हालत केंद्रों के अंदर थी। केंद्रों पर पुलिस की कमी का नकल करवाने आए लोगों ने भरपूर फायदा उठाया।
फर्श पर बैठकर दी परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर अधिकांश परीक्षार्थियों को परीक्षा नंगे फर्श पर बैठकर देनी पड़ी। कुछ विद्यार्थियों को डेस्क दिए गए, लेकिन शेष विद्यार्थियों को मांगने के बावजूद डेस्क तो दूर टाट-पट्टी भी बैठने के लिए नहीं दी गई। परीक्षार्थियों ने बताया कि जिस जगह उन्हें बैठाया गया था, वहां उस फर्श की सफाई भी नहीं की गई थी।
शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा : प्रिंसिपल
इस बारे में राजकीय कन्या स्कूल के प्राचार्य धूपसिंह श्योराण ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र के अंदर तक की है और परीक्षा केंद्र में परीक्षा नेल मुक्त रही। उन्होंने कहा कि पहला दिन होने के कारण कुछ बच्चों को टाट-पट्टी नहीं मिली, भविष्य में इस पर ध्यान दिया जाएगा।