रोडवेज के हिसार डिपो में पिछले कई महीनों से टायरों, बैटरियों और छोटे स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण रोजाना 20 से 25 बसें ब्रेक डाउन खड़ी रहती हैं।
डिपो प्रशासन द्वारा आम जनता को परिवहन की सुचारु सुविधा देने की बजाय चालकों-परिचालकों का टीए व ओवरटाइम भत्ता खत्म करने एवं रिसीट कम आने के नाम पर प्राइवेट मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी बसों को बंद करने से रोडवेज कर्मचारियों ने रोष जताया है।
इसी के रोषस्वरूप आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैन तले गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने डिपो अधिकारियों के विभाग के प्रति नकारात्मक रवैये व प्राइवेट बसों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों की कड़ी आलोचना की।
गेट मीटिंग की अध्यक्षता हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान महाबीर फौजी और आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान परमजीत बड़ाला ने की।
गेट मीटिंग में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए रोडवेज प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही विभाग एवं जनहित में बसों का संचालन ठीक नहीं किया गया और कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो रोडवेज कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसके लिए महाप्रबंधक जिम्मेदार होंगे।
कई रूटों की बसें की बंद
गेट मीटिंग को संबोधित करके ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेता दलबीर किरमारा एवं रमेश सैनी ने बताया कि सायं सवा छह बजे टोहाना, पौने छह बजे भट्टू, सायं साढ़े 6 बजे और सात बजे तोशाम और स्याहड़वा जाने वाली बसों के अलावा कई अन्य बसों को बंद कर दिया गया है, जिसे सीधे तौर पर प्राइवेट मालिकों को फायदा पहुंच रहा है।
गेट मीटिंग को डिपो प्रधान परमजीत बड़ाला, महाबीर फौजी, सुभाष ढिल्लो, अरुणा शर्मा, राममेहर सिवाच, कुलदीप बगला, महेंद्र माटा, कुलदीप सहरावत, कुलदीप पाबड़ा व जगदेव आदि ने भी संबोधित किया।