नारनौंद में किसानों के साथ बैठक करते कैलाश उमरा
नारनौंद। खेड़ी चौपटा में फरवरी 2024 में हुए किसान आंदोलन में समझौते के बाद किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों के विरोध में शनिवार को रामायण टोल प्लाजा पर पंचायत होगी। इसमें सभी किसान संगठन शामिल होंगे और कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
किसानों का कहना है कि फरवरी 2024 के किसान आंदोलन के बाद सरकार और प्रशासन से किसानों के हुए समझौते के बावजूद किसानों पर केस दर्ज करना सरासर गलत है। इन्हीं मुकदमों के विरोध में यह पंचायत बुलाई गई है। पंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान शामिल होंगे। इसको लेकर शुक्रवार को रामायण टोल प्लाजा कमेटी के प्रधान कैलाश उमरा अपनी कमेटी के साथ नारनौंद क्षेत्र में गांव-गांव जाकर कल होने वाली पंचायत का लोगों को निमंत्रण दे रहे हैं। शुक्रवार को गांव पेटवाड़, नारनौंद, बुडाना, राखी, खेड़ी चौपटा सहित दर्जनों गांवों में पहुंचे।
नारनौंद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैलाश उमरा ने कहा कि फरवरी 2024 में हुए आंदोलन के दौरान तत्कालीन उपायुक्त उत्तम सिंह और तत्कालीन हांसी पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद की अध्यक्षता में किसानों की कमेटी से समझौता हुआ था। समझौते में तय हुआ था कि किसी किसान पर कोई केस दर्ज नहीं होगा। पुलिस ने कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया है। किसानों को इसकी जानकारी तब मिली जब किसानों को कोर्ट द्वारा समन भेजे गए हैं।