हिसार। जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1966 में महाबीर स्टेडियम बनाया गया। मगर पांच दशक बीत जाने के बाद भी खेल विभाग अपना स्वीमिंग पूल नहीं बनवा पाया। आज सरकारी स्वीमिंग पूल की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ी निजी एकेडमी ने पांच हजार रुपये प्रतिमाह तक खर्च देकर अभ्यास करने को मजबूर हैं। वहीं, राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए कुछ खिलाड़ी हिसार से बाहर गुरुग्राम, बहादुरगढ़ में रहकर तैराकी की बारीकियां सीख रहे हैं। किसी भी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास में खेल बहुत अहम योगदान रखते हैं। ऐसे में खेलों के प्रति जागरूकता लाने और उसके विकास के लिए हर साल 6 अप्रैल को विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।
खेल विभाग की ओर से वर्ष 2018 में स्वीमिंग पूल के लिए लघु सचिवालय की आवासीय कॉलोनी के पास जमीन देखी गई थी। मगर किसी कारणों से वह जमीन सरकारी और कम होने के कारण फाइनल नहीं हो पाई। इसके बाद विभाग की ओर से दूसरी जगह स्वीमिंग पूल के लिए जगह तक नहीं देखी गई। खेल विभाग की ओर से सुविधा नहीं होने के कारण आज खिलाड़ी निजी एकेडमियों में रुपये देकर तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि हिसार खेलों का हब माना जाता है। यहां से कई खेलों में राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं मगर खेल विभाग की ओर से आज तक स्वीमिंग पूल तक नहीं बनाया गया है।
तीन साल से निजी एकेडमी में तैराकी सीख रहा हूं। मैं वर्ष 2021 में हुई जिला स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुका हूं। तैराकी सीखने के लिए प्रतिमाह पांच हजार रुपये खर्च होते हैं। हिसार में भी काफी स्वीमिंग के खिलाड़ी हैं, लेकिन सरकारी स्वीमिंग पूल की सुविधा नहीं है। - विश्वजीत, खिलाड़ी
सरकारी स्वीमिंग पूल नहीं होने के कारण आज प्राइवेट एकेडमी में रुपये खर्च कर तैराकी सीख रही हूं। खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वीमिंग पूल बनाया जाए। मैं वर्ष 2021 में हुई राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुकी हूं। - दिव्यांशी, खिलाड़ी
खेल विभाग सुविधाएं देने के लिए सिर्फ दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को सुविधाएं नहीं मिलती। आज तक हिसार में सरकारी स्वीमिंग पूल नहीं बन पाया है। कब तक खुद के रुपये से तैराकी सीखते रहेंगे। हर माह तैराकी सीखने के लिए पांच हजार रुपये देती हूं। - सिद्धि, खिलाड़ी
मैं तो कुछ दिन पहले ही हिसार आया हूं। स्वीमिंग पूल को लेकर पंचकूला मुख्यालय बातचीत कर जानकारी ली जाएगी। - जगबीर सिंह, जिला खेल अधिकारी