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Hisar News: सरकारी स्कूलों में बढ़ा विद्यार्थियों का दाखिला, लड़कों से 8 फीसदी ज्यादा लड़कियां

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संदीप रामायण
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हिसार। एन्युअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) ने अपनी 17वीं रिपोर्ट जारी की है। एजुकेशन फाउंडेशन का यह सर्वे ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक शिक्षा की हकीकत बताता है। असर फाउंडेशन के सर्वे में सामने आया है कि वर्ष 2022 में 6 से 14 साल तक के 51.9 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया। वहीं प्राइवेट स्कूलों में 47 प्रतिशत विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। जबकि एक प्रतिशत विद्यार्थियों ने कहीं दाखिला नहीं लिया। इसके अलावा 7 से 10 वर्ष तक के विद्यार्थियों में लड़कियां सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने में लड़कों से 8.4 पायदान आगे रहीं। वर्ष 2022 में 54.5 फीसदी लड़कियों और 46.9 फीसदी लड़कों ने दाखिला लिया था। सर्वे में खुलासा हुआ कि 15 से 16 साल की 4.6 प्रतिशत लड़कियों ने पढ़ाई छोड़ दी।
टीम ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी व प्राइवेट प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती व बढ़ती संख्या का निरीक्षण किया। सर्वे में पता लगा कि कोविड-19 के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। जबकि शिक्षा विभाग का कहना था कि कोविड के बाद सरकारी स्कूलों में संख्या घटेगी। कोविड महामारी के बाद सरकारी स्कूलोें में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या का कारण निरंतर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस, कोविड के बाद रोजगार व आय कम होना और वस्तुओं की कीमत में बढ़ोतरी होना बताया जा रहा है। सकारात्मक बात है कि सरकारी स्कूलों में छात्राओं की संख्या में वृद्धि हुई है। असर की सर्वे रिपोर्ट यह एहसास दिलाती है कि शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए सरकार, कॉरपोरेट्स, नागरिक, समाज और गैर सरकारी संस्थाओं को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।
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असर 2022 के अभियान के तहत हरियाणा के 580 गांवों में सर्वे किया गया, जिसमें 11533 घरों में जाकर और 3-16 आयु वर्ग के 22628, 5 से 16 साल के 17223 बच्चों से बातचीत कर डाटा एकत्रित किया गया। इसमें हिसार जिले के 9 ब्लॉक के 30 गांव में रेंडमली सर्वे किया गया है। संवाद

8वीं कक्षा के 26.4 प्रतिशत बच्चे लेते हैं ट्यूशन
पिछले एक दशक में ग्रामीण क्षेत्र में रुपये देकर निजी ट्यूशन पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। इनमें पहली कक्षा से 8वीं कक्षा के विद्यार्थी सबसे ज्यादा शामिल है। ट्यूशन पढ़ने वालों की संख्या वर्ष 2018 से 2022 के बीच सबसे ज्यादा बढ़ी है। वर्ष 2018 में ग्रामीण एरिया के पहली कक्षा से 8वीं कक्षा के 26.4 प्रतिशत विद्यार्थी ट्यूशन पढ़ते थे और 2022 में यह आंकड़ा 30.5 प्रतिशत हो गया है।
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2022 की सर्वे रिपोर्ट
आयुवर्ग व लिंग - सरकारी स्कूल - प्राइवेट स्कूल - स्कूल नहीं गए
6- 14 वर्ष - 51.9 प्रतिशत - 47 प्रतिशत - 1 प्रतिशत
7-16 वर्ष - 52.2 प्रतिशत -46.3 प्रतिशत - 1.4 प्रतिशत
7-10 वर्ष - 50.3 प्रतिशत - 48.9 प्रतिशत -0.8 प्रतिशत
7-10 वर्ष लड़के- 46.9 प्रतिशत - 52.1 प्रतिशत- 0.9 प्रतिशत
7-10 वर्ष लड़की- 54.5 प्रतिशत- 44.9 प्रतिशत-0.5 प्रतिशत
11-14 वर्ष लड़के - 50.5 प्रतिशत - 48.5 प्रतिशत- 1 प्रतिशत
11-14 वर्ष लड़की- 58.3 प्रतिशत - 40.5 प्रतिशत - 1 प्रतिशत
15-16 वर्ष लड़के- 47.6 प्रतिशत - 47.9 प्रतिशत - 4.5 प्रतिशत
15-16 वर्ष लड़के - 58 प्रतिशत - 37.2 प्रतिशत - 4.7 प्रतिशत

2006 से 2022 तक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या का आंकड़ा
वर्ष - संख्या प्रतिशत में
2006 - 51.3 प्रतिशत
2010- 56.3 प्रतिशत
2014- 43.9 प्रतिशत
2018- 42.6 प्रतिशत
2022- 51.9 प्रतिशत

असर 2022 के सर्वे के दौरान सरकारी स्कूलों के लिए काफी सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं। कोविड के बाद निरंतर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। असर ने हरियाणा प्रदेश के 580 गांव का सर्वे कर यह डाटा एकत्रित किया है।
- संदीप शर्मा, स्टेट एसोसिएट असर फाउंडेशन हरियाणा
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