फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: अतिक्रमण हटाने वालों ने नगर परिषद कार्यालयों के बरामदों को बनाया स्टोर

Sun, 10 May 2026 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
नगर परिषद में बरामदे में शेड लगाकर स्टोर बनाते हुए। संवाद
विज्ञापन
- अब आमजन को बरामदों की जगह धूप में चलना होगा
विज्ञापन

- बरामदे में बैठकर लोग करते थे इंतजार, चलते थे पंखे
- बिना किराया दिए बैठे नोटरी, सीएचसी वालों से खाली करवाने से कर रहा प्रशासन गुरेज

फोटो 6,7
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने वाली नगर परिषद अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सार्वजनिक स्थानों को खाली कराने का दावा करने वाले विभाग के कार्यालय परिसर में ही बरामदों पर कब्जा करने की प्रक्रिया जारी है। स्टोर के नाम पर आमजन के बैठने के लिए बनाए गए बरामदों को कवर किया जा रहा है।
सीएसआई कार्यालय के सामने बने बरामदे को 20 फीट से ज्यादा बंद कर दिया गया है। एल्युमिनियम की चादर लगाकर कमरा बनाया गया है। इन शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों की माने तो उन्हें अलमारियां और अन्य सामान रखने के लिए स्टोर की जरूरत थी। प्रशासन ने उन्हें स्टोर उपलब्ध नहीं करवाया। इसलिए उन्होंने बरामदे को बंद कर स्टोर रूम बनवाया है।
विज्ञापन

जिस स्थान का उपयोग आम लोगों की सुविधा और कर्मचारियों की आवाजाही के लिए होना चाहिए था उसे बंद कर दिया गया है। वहीं, प्रबंधन के खिलाफ सीएम विंडो व अन्य उच्चाधिकारियों को समाजसेवी लोगों ने शिकायत करने का मन बना लिया है।
खाली नहीं करवाए जा रहे हैं कमरे
नगर परिषद कार्यालय सरकारी स्कूल में चल रहा है। यहां पर आमजन को सुविधा देने के नाम पर बड़े स्तर पर सात से आठ कमरों पर कब्जा किया हुआ है। पिछले दिनों एक पूर्व पार्षद के शहर विकास को लेकर शिकायत करने पर उनके जानकार से कमरा जरूर खाली करवा लिया गया और वहां पर फॉगिंग मशीनें रख दी गईं। आमजन को सस्ती सुविधा देने के नाम मुफ्त में जगहों पर सात से आठ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। कई बार इस मामले में शिकायत के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। एक राजनीतिक व्यक्ति का हस्तक्षेप इन्हें हटाने की कार्रवाई को सिरे नहीं चढ़ने दे रहा है।
दूसरा गेट खोलकर खाली करवाने के दिए थे आदेश
नगर परिषद कार्यालय में 39 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। इसके तहत कच्चे एरिया को पक्का करने का काम हो चुका है। उसके अलावा एमरजेंसी गेट को खोलना था। उसके लिए सस्ती दरों पर सुविधा देने के नाम पर कार्य कर रहे लोगों को हटाया जाना था लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अहम बात यह है कि इन लोगों ने आज तक सरकारी रेट लिस्ट नहीं लगाई है। आमजन से मनमर्जी का पैसा वसूला जाता है। नगर परिषद चेयरमैन ने इन्हें सख्त चेतावनी भी दी थी और कार्रवाई का प्रयास किया था लेकिन बाद में वह भी चुप्पी साध गए।
पांच कमरे मिलते हैं स्टोर व कर्मचारियों के बैठने के लिए
नगर परिषद में कमरों और जगहों के आवंटन को लेकर इन पांचों कमरों व शेडों को खाली करवाना जरूरी है। दो एमई आने के साथ साथ जेई, स्थापना शाखा व जनरल ब्रांच के रिकॉर्ड को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है। लाइटों के लिए अतिरिक्त स्टोर की व्यवस्था भी नहीं है। यदि इन्हें खाली करवाया जाता है तो बरामदों को बंद करने की जरूरत नहीं है।
सफाई शाखा में आते हैं सबसे ज्यादा लोग
सफाई शाखा में सफाई, अतिक्रमण, सामान ले जाने, कुत्ते पकड़वाने और बेसहारा पशुओं को लेकर शिकायत देने के लिए लोग आते हैं। प्रतिदिन 50 से 70 के बीच लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं, स्थापना शाखा में अपने कार्यों को लेकर सफाई कर्मचारी आते हैं। इसलिए बरामदों में बैठने के लिए तीन बेंच लगाए गए थे और पंखों की व्यवस्था की गई थी। टैक्स ब्रांच में आने वाले लोग भी यहीं बरामदे में बैठकर इंतजार करते थे।
विज्ञापन

कोट्स
कमरों में जगह की कमी थी। सीएसआई और स्थापना शाखा को अपनी अलमारियां रखने के लिए जगह चाहिए थी। उन्होंने ही अधिकारियों से बातचीत कर कवर करवाया है। यदि आमजन को परेशानी होती है तो उसे हटा दिया जाएगा। शेड व दुकानें खाली करवाने को लेकर अधिकारियों से अनुमति ली जाएगी।
-नरेश कुमार, जेई, नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें