शहरवासी बिजली निगम को बिना बताए लोड बढ़ाने में जुटे हैं। नतीजन, ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ रही है। इससे न केवल अन्य उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हो रही है बल्कि खुद बिजली निगम के अधिकारियों की भी चिंता बढ़ने लगी है। बढ़े हुए बिजली लोड की जानकारी नहीं होने के कारण अधिकारी ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी नहीं बढ़वा पा रहे हैं। यही कारण है कि गर्मी कम होने के बावजूद शहरवासियों को बिजली कट झेलने पड़ रहे हैं।
इस तरह की जा रही मनमर्जी
दरअसल, पहले जिस घर में एसी नहीं लगा था, उस घर में सामान्य लोड के अनुसार कनेक्शन दिया गया। मगर एसी लगने के बाद लोड भी बढ़ जाता है। अगर इसकी जानकारी बिजली निगम के पास हो तो उस एरिया के संबंधित ट्रांसफार्मर की क्षमता लोड के अनुसार बढ़ाई जा सकती है। मगर उपभोक्ताओं द्वारा सूचना नहीं देने के कारण बिजली अधिकारी ऐसा नहीं कर पाते है। यही कारण है कि शहर के रिहायशी इलाकों में ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ने की लगातार रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को मिल रही है।
फ्यूज उड़ने और कट लगने की बढ़ जाती है समस्या
कर्मचारियों की मानें तो बढ़े हुए लोड के कारण बिजली निगम का पूरा सिस्टम असंतुलित हो जाता है। ट्रांसफार्मर गर्म होने लगते हैं। इससे उन पर कट लगाने पड़ते हैं। वहीं ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ जाती है। इस कारण अन्य उपभोक्ताओं को बिजली कटों की समस्या झेलनी पड़ती है। कर्मचारियों की मानें तो गर्मी के दिनों में सेक्टरों के एरिया में लोड ज्यादा बढ़ता है।
बिना बताए लोड बढ़ाने से एक बार समस्या आ जाती है। बाद में फील्ड स्टाफ के सदस्यों की ओर से उस लोड की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। इस संबंध में भी हम आधुनिक व्यवस्था कर रहे हैं।
सतीश कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम।