हिसार। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत अवैध खनन को लेकर भिवानी- हिसार की गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स, मैसर्ज सुंदर मार्केटिंग एंड एसोसिएट्स व उनके साझेदारों के आवासों पर तीन अगस्त को दिल्ली, हिसार, भिवानी, करनाल और यमुना नगर में ली गई तलाशी का ब्योरा दिया है। ईडी ने तलाशी के दौरान 1.25 करोड़ रुपये कीमत की मर्सिडीज कार,26.45 लाख रुपये नकद, डिजिटल साक्ष्य, हार्ड डिस्क, मोबाइल आदि सहित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच जारी है। ईडी ने दावा किया कि दस्तावेजों के अनुसार इन फर्माें द्वारा माइनिंग कांट्रेक्ट हासिल करने में भी हेराफेरी की थी
ईडी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से कुरुक्षेत्र स्थित पर्यावरण विभाग की स्पेशल कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर यह कार्रवाई की। शिकायत के आधार पर मनी-लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के अनुसार मनी-लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई। विशेष पर्यावरण न्यायालय ने संस्थाओं द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत पर्यावरण की शर्तों का उल्लंघन किया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) दिल्ली ने भी सुंदर माइनिंग एंड एसोसिएट्स ,गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स पर अवैध खनन करने, पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने का आरोप में 65 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। ईडी ने तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। जिनमें इन फर्मों द्वारा पर्यावरण मंजूरी का उल्लंघन करने व अवैध खनन का खुलासा है। इसके जरिये सैंकडों करोड़ रुपये की आपराधिक संपत्ति अर्जित की गई है। जब्त किए गए दस्तावेज़ों से यह भी पता चला कि इन फर्माें द्वारा माइनिंग कांट्रेक्ट हासिल करने में भी हेराफेरी की गई थी। तलाशी अभियान के दौरान समूह के बैंक लॉकरों और बैंक खातों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए थे। तलाशी के दौरान 1.25 करोड़ रुपये कीमत की मर्सिडीज कार, 26.45 लाख रुपये नकद, डिजिटल साक्ष्य, हार्ड डिस्क, मोबाइल आदि सहित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। टीम मामले की जांच कर रही है।