हांसी। शहरवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद की ओर से लगाया गया ई-टेंडर तकनीकी नियमों के कारण रद्द हो गया। एक वर्षीय ठेके के लिए दो फर्मों ने आवेदन किया था लेकिन जांच में केवल एक फर्म ही पात्र मिली। सरकारी नियमों के अनुसार तकनीकी बिड में कम से कम दो अनुभवी फर्मों के पात्र होने पर ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। अब नगर परिषद नए नियमों और शर्तों के साथ दोबारा टेंडर जारी करने की तैयारी कर रहा है।
बंदरों को पकड़ने के ठेके के लिए दो एजेंसियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि इनमें से केवल एक फर्म के पास बंदर पकड़ने का पूर्व अनुभव था जबकि दूसरी फर्म अनुभवहीन थी। नियमानुसार कम से कम दो अनुभवी फर्मों के तकनीकी बिड में क्वालिफाई करने के बाद ही उनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। एक ही फर्म के पात्र मिलने से प्रतिस्पर्धा की शर्त पूरी नहीं हुई। इससे अधिकारियों ने टेंडर रद्द करने का निर्णय लिया।
नगर परिषद अब नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगी ताकि बंदरों को पकड़ने का काम जल्द शुरू कराया जा सके। टेंडर रद्द होने से शहर के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य बाजारों में बंदरों की समस्या से परेशान लोगों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि नई टेंडर प्रक्रिया बिना देरी के शुरू की जा रही है।
यहां-यहां है समस्या :
उत्तम नगर, लाल सड़क, डडल पार्क क्षेत्र, यति नगर, बैंक कॉलोनी, सुभाष नगर, वकील कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन डॉग व मंकी बाइट के 25 से 30 नए केस आते हैं।
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एक वर्षीय ठेके के लिए दो फर्मों ने आवेदन किया था लेकिन जांच में केवल एक फर्म ही पात्र मिली। ऐसे में बंदरों को पकड़ने का टेंडर सिरे नहीं चढ़ा। टेंडर दोबारा लगाने के लिए निर्देश दे दिए हैं।- राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।