नारनौंद (हिसार)। किसान आंदोलन को लेकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अपनी मजबूरियां हैं, क्योंकि हर किसी को दबाने के लिए सरकार ने उनकी फाइल बना कर रखी हुई है। यह बात किसान नेता राकेश टिकैत ने गांव सिसाय के किसान राजबीर के परिवार को सांत्वना देने के बाद पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि जो भी किसानों के पक्ष में बोलता है, सरकार द्वारा उस पर बलराज कुंडू की तरह कार्रवाई की जाती है। उसी डर से दुष्यंत भी इनकी भाषा बोल रहे हैं, यह इनकी अपनी मजबूरी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को लड़ने के लिए त्याग करना पड़ता है जो राजनीतिक लोगों में नहीं होता। जिन राज्यों में चुनाव है वहां पर किसान जाएंगे और भाजपा के विरुद्ध वोट डलवाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन अगली सर्दी या फिर 2024 तक भी चल सकता है। कानून रद्द होने तक घर वापसी नहीं करेंगे।
बेटी से बोले टिकैत - पिता के सपने पूरे करना
टिकैत ने कहा कि सरकार की बयानबाजी से किसान विचलित न हों और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखें। राजबीर का नाम शहीदों में लिखा जाएगा। परिवार ने किसानों के लिए बहुत बड़ी शहादत दी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाएं। खेत की मिट्टी को छूकर खेत में भी काम करें। उन्होंने किसान राजबीर की बेटी पिंकी व बेटे मनदीप से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया। बेटी से कहा कि उसके पिता के सपनों को पूरा करना।
किसानों से अपील, ऐसे कदम न उठाएं : टिकैत
उन्होंने कहा कि किसान को यह आंदोलन जीतना होगा, क्योंकि यह उनकी रोजी-रोटी व जमीन छीनने का सवाल है। जिस प्रकार से किसान व संत महात्मा सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार को शर्म आनी चाहिए। हम किसानों से अपील करते हैं, ऐसे कदम न उठाएं। इस दौरान युद्धवीर सिंह, रणदीप लोहचब, फूलकुमार पेटवाड़, पूर्व सरपंच अजीत सिंह, मुकेश लोहान, धर्मपाल पेटवाड़, सूरजमल सिसाय, रघबीर सिंह, कुलदीप खरड़, सुभाष रामायण इत्यादि किसान मौजूद रहे।