हिसार। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा सहित अन्य शर्त लगाए जाने के बाद पंच सरपंचों की औसत आयु कम हो गई है। अब 50 से 60 वर्ष आयु के सरपंच के बजाय 30 से 35 औसत आयु के सरपंच बन रहे हैं। इस बार पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए आवेदन करने वालों की औसत आयु 32 व पंच पद के लिए औसत आयु 33 वर्ष है। शिक्षा समेत अन्य शर्तों के चलते इस बार खंडके वाले नहीं, पैंट शर्ट वाले पंच-सरपंच बनेंगे।
जिले में पंच पद के लिए 5173 उम्मीदवार मैदान में हैं। 3839 पदों के लिए आवेदन करने वाले इन पंचों की औसत आयु 34 साल है। पंच पद के लिए सबसे अधिक 2647 आवेदक दसवीं पास हैं। पांचवी, आठवीं पास 1043 आवेदकों की औसत आयु 34 वर्ष है। बारहवीं पास पंच पद आवेदकों की औसत आयु 30 वर्ष है। जिले में इन आवेदकों में ही पंच- सरपंच चुने जाने हैं। अब 50 से 60 साल की आयु के खंडके यानी पगड़ी वाले सरपंचों का समय चला गया है। अब 32 से 33 साल औसत आयु के पंच-सरपंच बन रहे हैं। इसका एक सामाजिक असर यह भी हुआ कि अब पंच-सरपंच का नैतिक दबाव नहीं है। गांव की पंचायत सामाजिक फैसले नहीं ले पा रही। काफी हद तक गांवों के स्तर पर सुलझने वाले मामले अब थाने से लेकर अदालतों तक पहुंच रहे हैं। शिक्षित तथा युवा पंच -सरपंच बनने का फायदा यह हुआ कि अब अधिकारी फाइलें नहीं रोक पा रहे। युवा सरपंच अपने अधिकार जानते हैं। नई योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं। अपने क्षेत्र में अधिक विकास करा पाते हैं।
पंच पद के दावेदार
शिक्षा महिला पुरुष कुल
पांचवीं 270 07 277
आठवीं 503 257 766
दसवीं 923 1720 2647
बीए 44 71 115
बीएससी 03 03 06
पीजी 22 32 54
बीएड 04 05 09
एमकॉम 03 01 04
एमएड 01 00 01
बी.आर्किटेक्ट 06 01 07
सरपंच पद के लिए
शिक्षा महिला पुरुष कुल
आठवीं 159 40 199
दसवीं 347 614 961
बारहवीं 186 286 472
बीए 36 60 96
बीएससी 04 00 04
बीकॉम 03 03 06
पीजी 23 22 45
बीएड 03 06 09
एमकॉम 04 00 04
एमएड 01 0 01
बी आर्किटेक्ट 02 01 03
जिला परिषद के सदस्य
शिक्षा महिला पुरुष कुल
आठवीं 16 5 21
दसवीं 34 64 98
बारहवीं 24 43 67
बीए 06 12 18
एमफिल 01 01 02
स्नातकोत्तर 04 06 10
बीएड 02 01 03
एमकॉम 02 00 02
एमएससी 01 00 01
बीकॉम 00 01 01
बीटेक 01 00 01
पीएचडी 00 01 01
एमएमसी 01 00 01
वर्जन
अब पंच, सरपंच पद की औसत आयु काफी कम है। युवाओं की ओर से आवेदन सबसे अधिक मिले हैं। पंच- सरपंच पद के लिए 30 से 35 वर्ष औसत आयु है। युवाओं का आगे आना अच्छे संकेत हैं।
-सुभाष शर्मा, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी, हिसार