हिसार। हिसार के श्यामलाल बाग की रहने वालीं पर्वतारोही रीना भट्टी का माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का सपना अधूरा रह गया। सिलिंडर में ऑक्सीजन कम रहने के कारण उन्हें अपने लक्ष्य से महज 58 मीटर नीचे से लौटना पड़ा। रीना ने कहा कि अब अधूरा सपना सोने नहीं देगा। अगले साल फिर माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का प्रयास करूंगी। रीना मंगलवार को वापस हिसार पहुंच गई थीं।
पर्वतारोही रीना बताती हैं कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर है। वह 8790 मीटर ऊंचाई पर हिलेरी स्टेप पर पहुंच गई थीं। मगर इससे आगे जाने और यहां तक वापस आने के लिए सिलिंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी। इस कारण रीना के साथ गई टीम के सदस्य नीमा ने रिस्क न लेते हुए कहा कि इतना समय नहीं रुक पाएंगे, वापस चलो। रीना बताती हैं कि उनके पास तीन सिलिंडर थे। दो साथ ले गए थे, जबकि एक सिलिंडर वापसी में बालकनी से लेना था। मगर चढ़ाई के समय एक सिलिंडर तो बालकनी में ही खत्म हो चुका था, जोकि करीब 8670 मीटर ऊंचाई पर है। इसके बाद रीना ने दूसरा सिलिंडर लिया। हिलेरी स्टेप पर दूसरा सिलिंडर भी आधा खत्म हो गया।
रीना ने बताया कि एक सिलिंडर 6 से 7 घंटे ही चलता है। वह बताती हैं कि हिलेरी स्टेप से माउंट एवरेस्ट तक रास्ता काफी खतरनाक है। रस्सी के सहारे ऊपर जाना होता है। इस रास्ते को फतह करने के लिए डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते हैं, मगर उसके पास ऑक्सीजन कम थी। रीना बताती हैं कि हिलेरी स्टेप से माउंट एवरेस्ट जाने के लिए 200 पर्वतारोही थे। बता दें कि अमर उजाला ने रीना के इस अभियान को पूरा करने के लिए एक लाख रुपये की राशि दी थी।
पिता ने 8 लाख का लोन लिया
रीना के पिता बलवान सिंह की ऑटो मार्केट में दुकान है। रीना पेनासॉनिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। बेटी के सपने को पूरा करने के लिए पिता ने 8 लाख रुपये का लोन भी लिया, बाकी राशि रीना ने जुटाई। अपनी इनकम से वह राशि एकत्रित कर रही थीं। मगर रीना अपने सपने को पूरा नहीं कर सकीं। रीना ने बताया कि 35 लाख से ज्यादा रुपये खर्च हो चुके हैं।
16 अप्रैल को हिसार से रवाना हुई थीं रीना
रीना माउंट एवरेस्ट के लिए 16 अप्रैल को घर से रवाना हुई थीं। 5643 मीटर ऊंचाई पर उन्होंने एवरेस्ट के बेस कैंप पर नगर निगम का बैनर फहराया था। हालांकि मौसम खराब होने के कारण कैंप-4 में रीना ने दो रात और तीन दिन गुजारे। मौसम साफ होने के बाद माउंट एवरेस्ट पर फतह करने का सपना लेकर चढ़ाई शुरू की, मगर रीना का सपना अधूरा रहा गया।
कई चोटियों को फतह कर चुकीं रीना
रीना अब तक कई चोटियों को फतह कर चुकी हैं। मगर माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए पहली बार ही गई थीं। रीना ने 15 अगस्त 2022 को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एलब्रूस को फतह किया था। इसी प्रकार वर्ष 2019 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर देश का तिरंगा फहराया था। वर्ष 2022 और वर्ष 2019 में दो बार माउंट फ्रेंडशिप पीक फतह की थी।