संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद (सिरसा)। ऐलनाबाद थाने में शनिवार को एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने जनसंवाद किया। इस दौरान 50 मामले सामने आए। जिनमें 10 से 15 मामले चोरी के थे, जिनकी पूरी रिकवरी आज तक पुलिस नहीं कर पाई। ऐसे में एडीजीपी ने कहा कि चोरी के सभी मामलों की रिकवरी को लेकर एक टीम गठित की जाएगी। जनसंवाद में डीएसपी जगत सिंह मोर पर दो आरोपियों को बचाने के आरोप लगे।
जन संवाद कार्यक्रम में अधिकतर शिकायतें मोटरसाइकिल व घरों में हुईं चाेरी की घटनाओं की पहुंचीं, जिसमें लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाए कि पुलिस ने चोरी हुए रुपयों व जेवरातों की बरामदगी नहीं की है, जबकि आरोपियों की जमानत हो गईं। पुलिस की पूछताछ के दौरान चोरों की ओर से जिस ज्वेलर्स के बारे में बताया गया था कि उसको केस से निकाल कर उसके मृत चाचा का नाम केस में लिख दिया गया था। इससे साफ पता चलता है कि पुलिस की आरोपियों के साथ सांठगांठ है। इस पर एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने मामले की जांच करने के लिए थाना प्रभारी संदीप कुमार को आदेश दिए। वहीं एक स्पेशल टीम के गठन करने की बात कही।
एक सप्ताह में समाधान करने के निर्देश : जनसंवाद के दौरान एडीजीपी ने 20 फरियादियों की समस्याओं का समाधान एक सप्ताह के अंदर-अंदर करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही कुछ फरियादियों की शिकायतें व उनकी फाइलें एडीजीपी कार्यालय में भिजवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने समीक्षा के बाद दो सप्ताह में फरियादियों को सच्चाई अवगत करवाने आश्वासन दिया गया।
इस प्रकार हुई मामलों की सुनवाई
गांव मौजू की ढाणी की महिला ने बताया कि वह आठ माह से गर्भवती है। उसका पति उसे अपने मायके छोड़कर विदेश चला गया है और अब उसके पति के माता-पिता भी विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐलनाबाद स्थित अपने घर आदि बेचने की फिराक में हैं, जबकि मुझे इस विषय में कुछ भी पता नहीं है। एडीजीपी ने थाना प्रभारी को उसके शिकायत पर संज्ञान लेने का आदेश दिया।
सिरसा से पहुंचे मां-बेटे ने बताया कि कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर उसकी मां, बहनों के साथ मारपीट की। जिसकी एमएलआर के साथ शिकायत दर्ज है। यह मामला डीएसपी अजायब सिंह के पास था, लेकिन उनका ऐलनाबाद ट्रांसफर हो गया। जिसके बाद डीएसपी जगत सिंह मोर ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की और हम पर राजीनामा करने का दबाव बनाया, जबकि आरोपी पर एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज था। इसके बावजूद पुलिस ने मिलीभगत करके दो आरोपियों का केस से नाम निकाल दिया। जिस पर एडीजीपी ने सही जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता महाबीर कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों द्वारा मुझे चोटें मारी गईं थीं, जिसके बावजूद मैंने जिन आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उसमें एक पुलिस कर्मचारी का पुत्र होने के कारण उसका नाम केस से निकाल दिया गया, जबकि मुझे फोन पर कई बार धमकियां मिलीं, जिसकी रिकार्डिंग मैंने उच्च अधिकारियों तक भेजी है, लेकिन मेरी एफआईआर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
विक्रम गोदारा ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उसे बिना वजह मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। उसने जो शिकायत दी है उस पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उसने अपने साथ हुई लोन को लेकर धोखाधड़ी को लेकर करीब आठ शिकायतें दर्ज करवाई हैं। जिस पर एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने आश्वासन दिया कि वे उन्हें हिसार आकर मिले, जिस पर वे सही जांच कर उनको न्याय दिलवाने का काम करेंगे।
ऐलनाबाद व आसपास के गांव के कई युवकों ने पंजाब के बठिंडा में स्थित एक कंपनी द्वारा उनसे विदेश भेजने के नाम पर पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया। जिस पर एडीजीपी ने स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी को पंजाब के बठिंडा में स्थित उस कंपनी के संचालक पर कार्रवाई करने के आदेश दिये।