सतलोक आश्रम प्रकरण के दौरान आश्रम से काफी मात्रा में दवा मिलने के मामले में बुधवार को रामपाल सहित पांच आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। इस मामले में गवाहियां पूरी हो चुकी हैं और अदालत का फैसला जल्द आ सकता है।
मामले के अनुसार सतलोक आश्रम प्रकरण के दौरान आश्रम से भारी मात्रा दवाइयां बरामद हुई थीं। इनमें कुछ दवाइयां प्रतिबंधित भी थीं। एक डिस्पेंसरी भी आश्रम में संचालित की जा रही थी। प्रकरण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामारी की तो दवाइयों का जखीरा बरामद हुआ था। टीम ने दवाओं के सैंपल लेकर डिस्पेंसरी को सील कर दिया था। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर बरवाला थाने में रामपाल सहित पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में बुधवार को पांचों आरोपियों रामपाल, डिस्पेंसरी संचालक डॉ. ओपी हुड्डा, राजेंद्र, बिजेंद्र उर्फ विजय और बलजीत के अदालत में सीआरपीसी 313 के तहत बयान दर्ज किए गए। रामपाल के सेंट्रल जेल नंबर-1 से वीसी के जरिये बयान दर्ज किए गए।
रामपाल के समर्थकों ने घेरा शहर
रामपाल के हजारों समर्थकों ने बुधवार को दोपहर बाद तक शहर को घेरे रखा। रामपाल की पेशी के चलते उसके समर्थक बुधवार को शहर में सुबह-सवेरे ही पहुंचा शुरू हो गए। कुछ समर्थक तो मंगलवार शाम ही शहर में पहुंच गए थे। उन्होंने टाउन पार्क, क्रांतिमान पार्क, टैक्सी स्टैंड, सेंट्रल जेल नंबर-2 के सामने खाली मैदान तथा डाबड़ा चौक रेलवे पुल के नीचे डेरा डाल लिया। इसके अलावा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी समर्थक डेरा डाले हुए थे। दोपहर बाद तक ये समर्थक डटे रहे और उसके बाद ही शहर से जाना शुरू किया।
आचार संहिता का उल्लंघन, कोई कार्रवाई नहीं
विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा है और आचार संहिता लगी हुई है। इसके बावजूद हजारों लोगों का इस तरीके से एकत्रित होना किसी भी हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि टाउन पार्क से समर्थकों को पुलिस कर्मचारियों ने खदेड़ दिया, लेकिन बाकी स्थानों पर समर्थक डेरा डाले जमे रहे।