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विडंबना: सपना विश्व गुरु बनने का, स्कूलों में ही खाली पड़ी गुरुजनों की कुर्सियां, लंबे समय से नहीं हुई भर्ती

Tue, 23 Aug 2022 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संदीप रामायण, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

शिक्षकों के खाली पद और विद्यार्थियों के भविष्य पर ‘खत्म’ की तलवार लटकी है। हिसार जिले में 887 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 2893 खाली पद खत्म होने का खतरा है। बिना गुरुजी के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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शिक्षा विभाग में लंबे समय से शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। हिसार जिले के 887 सरकारी स्कूलों में जेबीटी से लेकर पीजीटी, टीजीटी व मुखियाओं की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इन पदों को भरने के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी व रेशनेलाइजेशन का सहारा लिया जा रहा है। इसके बावजूद स्थित खराब है। बिना गुरुजी के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं सरकार की ओर से शिक्षकों के पदों को खत्म करने की तैयारी चल रही है। ऐसे में शिक्षकों के खाली पदों और विद्यार्थियों के भविष्य पर 'खत्म' की तलवार लटक रही है। 

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शिक्षकों का कहना है कि जिन स्कूलों मेें प्राचार्यों के पद खाली हैं उन स्कूलों में वरिष्ठ प्राध्यापकों को स्कूल संभालना पड़ रहा है व साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ता है। जिस कारण अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों के खाली पद भरने व नई भर्ती करने की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों द्वारा निरंतर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। जिले में कुल 887 सरकारी स्कूल है, जिनमें 506 प्राइमरी स्कूल है।

इनमें 99 मिडिल स्कूल, 5 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 118 हाई स्कूल, 152 सीनियर सेकेंडरी स्कूल व छह आरोही माडल स्कूल शामिल हैं। शिक्षक संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार इन सरकारी स्कूलों में करीब 8550 शिक्षक कार्यरत होने चाहिए। इनमें से करीब 2893 पद खाली हैं। अभिभावकों ने कहना है कि एक तरफ तो सरकार देश को विश्वगुरु बनने का सपना दिखा रही है, वहीं स्कूलों में शिक्षकों के पद खत्म किए जा रहे हैं। 
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जिले के स्कूलों में शिक्षकों का ब्योरा 
शिक्षक    स्वीकृत पद    कार्यरत

  • जेबीटी        2576          2150       
  • एचटी           119           80          
  •  टीजीटी      2258          1113         
  • पीजीटी       2955          1870      
  • एचएम          116            102       
  • प्राचार्य          162            130       
  • कुल             8553         5660

रिक्त पद     2893
 
सरकारी स्कूलों के बाहर ग्रामीण व अभिभावक प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की जो मांग है कि वह हमें लिखकर दे रहे हैं। उनकी मांग को हम निदेशालय को भेज रहे हैं। विभाग में काफी समय से शिक्षकों की संख्या पूरी नहीं है। अकेले जिले में करीब 2893 शिक्षकों के पद खाली हैं।  - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी

पूूरे प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों की नई भर्ती हुए कई साल हो गए हैं। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि प्रत्येक कक्षा व विषय के लिए अध्यापक देना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों को मर्ज करने की बजाय नामांकन घटने के कारणों की जांच कर नामांकन बढ़ाने पर बल देना चाहिए। स्कूल मुखिया के पद कैप्ट न किए जाए। आबादी के आधार पर नए विद्यालय खोले जाएं। एनसीसी अधिकारी का पद सुरक्षित रखा जाए। मेवात कैडर में कार्यरत पीजीटी, टीजीटी, मौलिक मुख्याध्यापक के पद केवल मेवात के ही खोले जाएं। यदि सरकार ने उपरोक्त मुद्दों का हल नहीं किया तो अध्यापक संघ गांव-गांव जाकर प्रत्येक युवा और नौजवान को जागृत करेगा और आंदोलन को खड़ा करेगा। - प्रभु सिंह महासचिव हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ

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