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डॉ. पूनिया, जैन मामले पर चढ़ा राजनीतिक रंग, सोशल मीडिया पर इनेलो-वर्सेज जजपा जंग

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07 - जजपा समर्थक द्वारा फेसबुक पर जारी किया गया डॉ. पूनिया और अभय चौटाला का फोटो। - फोटो : Hisar
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जीतेंद्र जीत
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हिसार। डॉ. रमेश पूनिया और सजल जैन के मामले पर राजनीतिक रंग चढ़ गया है। अब यह मामला शहर के एक नागरिक और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक का मामला न होकर राजनीतिक रसूख रखने वाले चौटाला परिवार की दोनों पार्टियों के बीच की जंग हो गई है।
डॉ. पूनिया के समर्थन में जहां इनेलो के साथ शहर की कई संस्थाएं उतर आई हैं, वहीं डॉ. पूनिया स्वयं भी अपनी फेसबुक पर लगातार पोस्ट अपडेट कर रहे हैं। दूसरी ओर जजपा समर्थक जैन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर डॉ. पूनिया को अभय चौटाला के इशारों पर नाचने की बात कह रहे हैं।
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जजपा के एक समर्थक ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा - दुष्यंत को बदनाम करने की साजिश, अभय के इशारों पर नाच रहे हैं डॉ. रमेश पूनिया! इसके साथ डॉ. पूनिया की अभय चौटाला के साथ कई फोटो भी पोस्ट की गई हैं। साथ ही सरकार से निवेदन करते हुए लिखा है कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और ऐसे जालसाजी करके लोगों की जिंदगी बर्बाद करने वाले डॉक्टर को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दूसरे गुट के एक समर्थक ने सोशल मीडिया पर कुछ फोटो पोस्ट की, जिनमें से एक में नैना चौटाला सजल जैन को तिलक करते हुए और दूसरे फोटो में सजल जैन के मुंह पर दिग्विजय केक लगाते दिख रहे हैं और दुष्यंत भी साथ खड़े हैं।
डॉ. पूनिया ने सीएमओ पर उठाए सवाल
डॉ. पूनिया ने बुधवार को अपनी फेसबुक सिविल सर्जन पर सवाल उठाए हैं। पोस्ट में लिखा - सिविल सर्जन महोदय हिसार का इंटरव्यू पढ़कर मानसिक रूप से आघात पहुंचा और ये साबित हो गया कि चापलूसी और चमचागिरी की कोई सीमा नहीं होती, जो कुछ बिगड़ैल रईसजादों को खुश करने के लिए ये बोल रहे हैं कि बड़े रसूख वाले व्यक्ति के घर सुबह 6:00 बजे नहीं जाना चाहिए था, जबकि नौ अप्रैल को डीसी कॉलोनी निवासी की रिपोर्ट भी रात को 1:00 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से ही प्राप्त हुई थी। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मेरी टीम सुबह 5:30 बजे पहुंची। उस समय सिविल सर्जन महोदय ने एतराज नहीं जताया, क्योंकि वो एक आम किसान का परिवार था और राजनीतिक रसूख नहीं रखता था। ...11 मार्च से 10 अप्रैल (एक माह) तक अर्जित अवकाश लेकर महामारी के दौरान लंबी छुट्टी लेकर घर पर आराम फरमा रहे थे (सीएमओ के बारे में)।
वर्जन
डॉ. पूनिया सरकारी कर्मचारी हैं, वे इनेलो के वर्कर नहीं हैं। अभय चौटाला के साथ फोटो होना कोई बड़ी बात नहीं है। किसी भी कार्यक्रम में कोई भी एकसाथ हो सकता है। डॉ. पूनिया ने डॉक्टर होने का फर्ज बखूबी निभाया, जिसे पूरा हिसार शहर मान रहा है, लेकिन अब दबाव के चलते उन्हें पद से हटाया गया, जो गलत है।
- सतबीर सिसाय, जिला प्रधान इनेलो, हिसार
वर्जन
जैसा कहा जा रहा है सजल जैन हमारे संगठन में कोई पदाधिकारी नहीं है और न ही उनके पिता जी पदाधिकारी हैं। इनके दुष्यंत परिवार के साथ पारिवारिक रिश्ते हो सकते हैं, जो अलग बात है। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के चलते नाजायज फायदा उठाने का आरोप लगाना छोटी बात है। इस मामले को तूल ज्यादा दिया जा रहा है।
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- जयपाल बांडाहेड़ी, जिला प्रधान, जजपा, हिसार

11 - इनेलो समर्थक द्वारा फेसबुक पर डाली गई फोटो, जिसमें से एक में सजल जैन को टीका लगातीं नैना चौटाला ?- फोटो : Hisar

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