हांसी। शहर में बीते दस दिनों से बंद पड़ी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को फिर से चालू किया गया, लेकिन वीरवार से दो दिन की हड़ताल के चलते डोर टू डोर कचरा उठाने का कार्य बंद रहेगी। हड़ताल के चलते शहर के पुराने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित रहेगी।
समाधा डंपिंग स्टेशन पर कचरा डालने पर लगी रोक के चलते बीते 12 दिन से शहर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सुविधा बंद थी। परिषद का कहना है कि टिप्पर नए डंपिंग स्टेशन पर नहीं जा सकते। इसलिए यह सुविधा बंद है लेकिन परिषद ने इसके लिए योजना बनाई है। परिषद द्वारा कचरे को सफाई ठेकेदारों के प्लॉट में एकत्रित करवाया जाएगा। वहां से इसे ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से कचरे को उठवा कर नए डंपिंग स्टेशन में डलवाया जाएगा। इस योजना के साथ परिषद द्वारा बुधवार को टिप्पर चलवाए गए, लेकिन अब दो दिन के लिए फिर से टिप्पर बंद रहेंगे। कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते टिप्पर को नहीं चलाया जाएगा। क्योंकि 27 टिप्पर में से 19 टिप्पर को परिषद के सफाई कर्मचारी चला रहे हैं। बाकी आठ चालक हरियाणा कौशल रोजगार योजना के तहत लिए गए हैं। ऐसे में दो दिन के लिए डोर टू डोर कचरा कलेक्शन बंद रहेगा।
नगर परिषद सफाई कर्मचारी कल से दो दिन की हड़ताल पर
प्रदेश के कर्मचारी 14 व 15 दिसंबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय टूल डाउन, पेन डाउन हड़ताल करेंगे। इस हड़ताल का उद्देश्य छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने, 29 अक्तूबर 2022 व 5 अप्रैल 2023 के समझौते को लागू करवाने, नो वर्क नो पे के खिलाफ और 24 सूत्रीय मांग पत्र का समाधान कराने का होगा। कर्मचारी संघ के नेता विकास चंदा ने कहा कि सफाई का लगभग काम घर-घर से कूड़ा उठाने कूड़े को ठोस कचरा निस्तारण प्लांट पर ले जाने का काम व सीवर का काम भी सरकार ने ठेकेदारों के हवाले कर दिया है। ठेकेदार सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में फेल है। पूरे हरियाणा में म्युनिसिपेलिटी में सफाई अभियान व ठेकेदारी के नाम पर लूट हो रही है। चंदा ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जल सेवा एवं अग्नि शमन सेवाओं को सुचारू रूप से चालू रखने की बात कही। अन्य सभी 60 नगर पालिकाओं, परिषदों व नगर निगमों के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन व तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
ठेकेदार के कर्मचारियों को भी रोकेंगे काम करने से
कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि ठेकेदार के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को भी वह काम न करने के लिए अपील करेंगे। अगर उन्होंने साथ दिया तो दो दिन के लिए पूरे शहर में सफाई नहीं होगी। अन्यथा जहां ठेकेदार द्वारा सफाई कि जाती है वहां हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
इन वार्डों में काम करते हैं परिषद के सफाई कर्मचारी
बता दें कि शहर को चार जोन में बांट कर सफाई के लिए दो फर्मों को टेंडर दिया हुआ है। परिषद के सफाई कर्मचारी वार्ड तीन से लेकर वार्ड दस में सफाई कार्य करते हैं। अन्य में ठेकेदार द्वारा कार्य करवाया जाता है।
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शहर में टिप्पर को फिर से चलवाया गया है। इन कचरे को एकत्रित करके ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से नए डंपिंग स्टेशन में डलवाएंगे।- संजय कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद