रेलवे स्टेशन पर इस तरह का लगेगा डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर।
हिसार। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी-आरपीएफ के अलावा सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। अब स्टेशन पर सुरक्षा और भी चाक-चौबंद होगी। इसके लिए स्टेशन के प्रवेश द्वार पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस तीन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) लगाए जाएंगे। बीकानेर से डिटेक्टर हिसार के रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए हैं। डिटेक्टर का बैटरी बैकअप करीब दो घंटे का रहेगा।
ऐसे काम करता है डीएफएमडी
आरपीएफ थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के अंदर से गुजरने वाले व्यक्ति के पास यदि मेटल का कोई भी सामान है तो मशीन से बीप की आवाज आनी शुरू हो जाएगी और लाल बत्ती जल जाएगी। यदि कोई हथियार या अन्य हैवी मेटल होने पर इससे मशीन की सभी लाल बत्तियां जल जाएंगी और बीप की आवाज तेज हो जाएगी। इसके लिए इस मशीन के पास आरपीएफ का जवान तैनात रहेगा। शक होने पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से उसकी जांच की जाएगी।
स्टेशन पर पुलिस बूथ नहीं, शिकायत के लिए भटकते हैं यात्री
रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान गश्त करते हैं, लेकिन स्टेशन पर पुलिस बूथ तक नहीं बन पाया है। आरपीएफ थाना प्लेटफार्म नंबर-1 पर बना है, मगर जीआरपी थाना रेलवे कॉलोनी में बना है। अधिकतर शिकायतें जीआरपी थाना में दर्ज होती हैं, लेकिन यात्रियों को थाने की लोकेशन तक पता नहीं लगती। इस कारण यात्री इधर-उधर भटकते रहते हैं। कई बार यात्री स्टेशन पर पुलिस बूथ बनवाने की मांग उठा चुके हैं।
रेलवे स्टेशन पर लगे हैं 34 सीसीटीवी कैमरे
वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर 34 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आरपीएफ की मानें तो सभी कैमरे चालू हालत में है। अभी यहां और भी कैमरे लगाकर स्टेशन को कवर किया जाएगा। फिलहाल फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने के लिए लगी सीढि़यों पर कैमरे नहीं हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा पर्स और मोबाइल चोरी सीढि़यों से चढ़ते समय ही होती हैं। चोरी की वारदात रोकने के लिए सीढि़यों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे।
-
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के मद्देनजर तीन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। वर्तमान में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद डिटेक्टर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। -
सुनील कुमार, थाना प्रभारी, आरपीएफ, हिसार