शहर के नागरिक अस्पताल के डॉक्टर ने दोपहर को हांसी से रेफर होकर आए घायल आठ मरीजों का इलाज करने से इन्कार कर दिया, इस पर परिजनों ने खूब हंगामा मचाया।
परिजनों ने घायलों को रोड पर ले जाकर लेटाने की धमकी दी तो डॉक्टर इलाज के लिए राजी हुए। मामले की शिकायत परिजनों ने सीएमओ को भी की है।
दरअसल, हांसी के सोरखी गांव से जमीनी विवाद में घायल दो महिलाओं सहित आठ लोग पहुंचे। पंचायती जमीन पर दीवार निकालने के मामले पर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। झगड़े में घायल हुए एक पक्ष के बिजेंद्र, राजबाला, रमन, चंद्रो, मुनीष, प्रमोद, जोगेंद्र, सुमित्रा और अमित को हांसी के सरकारी अस्पताल में लाया गया।
हांसी अस्पताल से चिकित्सकों ने उन्हें नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि दस बजे के करीब रमन को उपचार के लिए हिसार लेकर आए थे। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर नागेश और अमनदीप उपचार करने में आनाकानी करने लगे। शुरू में तो एमएलआर काटने से भी इंकार कर दिया।
करीब दो घटें तक रमन बेड पर दर्द से कराहता रहा, लेकिन डॉक्टर उसका उपचार करने की बजाय साथ बहस करने लगे। दोपहर को बाकी घायल भी इमरजेंसी में पहुंच गए। उनके भी उपचार में देरी की। परिजनों का कहना है कि जब डॉक्टर को घायलों को इमरजेंसी से रोड पर ले जाने की बात कही तो उन्होंने उपचार करना शुरू किया। उनका कहना है कि इस मामले मे सीएमओ से भी बात की है।
अगर उपचार में देरी हुई है तो डॉक्टर से बात की जाएगी। हालांकि नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की गंभीरता से जांच की जाती है। उन्हें यहां अच्छा उपचार दिया जा रहा है।- जेएस ग्रेवाल, सीएमओ