हिसार। नवजात बच्चों को माता-पिता द्वारा निर्जन स्थानों पर या झाड़ियों में छोड़े जाने के मामले को लेकर जिला बाल संरक्षण इकाई तुरंत कार्रवाई करती है। बच्चों को अवैध तरीके से गोद न दें। बाकायदा इसके लिए दी गई हिदायतों का पालन करना चाहिए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पैदा होते ही बच्चों को लावारिस हालात में सुनसान स्थान पर छोड़ दिया जाता है। ऐसे बच्चों को अवैध रूप से गोद तक दे दिया जाता है। यह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कोई नागरिक बच्चे को पालना नहीं चाहता या अपने साथ रखने में असमर्थ है तो लावारिस हालत में न छोड़े। बाल कल्याण समिति के सामने जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से सरेंडर कर सकते हैं। सरेंडर करने के बाद बच्चे संतानहीन दंपती को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद दिया जा सकता है। किसी नागरिक को लावारिस बच्चे की सूचना मिलती है तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 पर भी सूचना दे सकते हैं।