अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा की अध्यक्षता में बुलाई गई मीटिंग में यशपाल मलिक नहीं आए। जाट धर्मशाला में जुटे इन लोगों ने यशपाल मलिक को कई बार फोन किए। यशपाल मलिक ने धर्मशाला में आने से इनकार कर दिया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति में पड़ी फूट के कारण अब समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक जाट धर्मशाला में आने से भी कतराने लगे हैं। समिति के पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा के साथ 23 मई को रामायण रेलवे ट्रैक धरने पर हुई हाथापाई के बाद यशपाल मलिक ने कहा कि कुछ बातें धरने पर नहीं बता सकते। अगली बार हिसार आएंगे तो मिलकर बता देंगे। यशपाल मलिक शुक्रवार को बुड़ाक मामले में अदालत में पेश होने हिसार आए थे। इसके चलते अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कुछ पदाधिकारियों ने जाट धर्मशाला में बैठक बुलाई। पदाधिकारियों के अतिरिक्त जाट समाज के करीब 50 गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इन लोगों ने यशपाल मलिक को कई बार फोन कर धर्मशाला में आमंत्रित किया। इन पदाधिकारियों ने कहा कि यशपाल मलिक सवालों के जवाब देकर जाएं। यशपाल मलिक ने जाट धर्मशाला में आने से साफ मना कर दिया। बैठक में विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भविष्य में जब भी यशपाल मलिक हिसार आएंगे तो उन्हें समाज की शंकाओं का जवाब मांगेंगे। इस मौके पर कृष्ण किरमारा, रामदिया थुराना, बलवान सिंह कापड़ो, बलजीत सिंह पुठ्ठी, भजन फौजी, जगदीश थुराना, सुभाष रामायण, सतबीर झाझड़िया, रामबीर न्योली, सुरेंद्र सिंह आर्य, राजकुमार कापड़ो सहित समाज के अन्य गणमान्य मौजूद थे।