जिला नागरिक अस्पताल को दंत रोग से संबंधित नियमित ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल मिला हैं। इससे दंत रोग संबंधित गंभीर हालत के मरीजों को फायदा मिलेगा। दांतों से संबंधित किसी भी प्रकार की सर्जरी की सुविधा भी अब मरीजों को मिल सकेगी। यह सुविधा अस्पताल में निशुल्क मिलेगी। इससे पहले मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था।
खास बात यह है कि जिले की सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में डॉ. बंसीलाल इकलौते ओरल सर्जन है, जो दांत रोग संबंधित हर तरह की सर्जरी करने में सक्षम हैं। मरीज को जबड़े में फ्रैक्चर, दांत निकलने के बाद उनमें ओरो इंटरनल कम्युनिकेशन होने, मुंह के अंदर जबड़े पर चर्बी होना, हड्डी में फंसी अकल जाड़ जैसी दिक्कत आदि के लिए ऑपरेशन की जरूरत होती है, जो अब नागरिक अस्पताल में हो सकेगा। इनके अलावा अस्पताल के दंत रोग विभाग में नोडल डॉ. रेनू बिश्नोई के नेतृत्व में डॉ. विकास पुरी एवं एक अन्य डॉक्टर हैं।
पहले डेपुटेशन पर थे
इससे पहले करीब 3 वर्षों तक तक दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बंसीलाल बेनीवाल डेपुटेशन पर थे और वह मिर्चपुर सीएचसी पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब इकलौते ओरल सर्जन होने पर उनको रेगुलर किया गया है और उनकी ड्यूटी जिला अस्पताल में लगाई गई है।
कोरोना काल में भी दे चुके सेवाएं
डॉ. बंसीलाल बेनीवाल कोरोना काल में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कोरोना के चलते अप्रैल माह में उनकी ड्यूटी फील्ड में सैंपल के लिए लगी थी। भीषण गर्मी में भी उन्होंने पीपीई किट पहनकर सैंपलिंग की। डॉ. बंसीलाल ने जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से बीडीएस की है। इसके बाद रोहतक पीजीआई से ओरल सर्जन के लिए एमडीएस की डिग्री हासिल की।
पहले भी कर चुके हैं ऑपरेशन
इससे पहले भी वह जिला अस्पताल में दंत रोग के कुछ मरीजों के ऑपरेशन कर चुके हैं। बरवाला एवं उकलाना निवासी दो मरीजों को जबड़े पर चर्बी की शिकायत थी, उनका ऑपरेशन किया था। ये ऑपरेशन निशुल्क हुए, जबकि निजी अस्पतालों में मरीजों 60 से 70 हजार रुपये चुकाने पड़ते।
मुझे खुशी है कि अब मेरी ड्यूटी नियमित की गई है। मैंने पहले भी जबड़े में फ्रैक्चर या जबड़े पर चर्बी होने जैसे कई ऑपरेशन किए हैं। कोरोना के समय भी मैंने करीब 9 माह तक फील्ड में सैंपलिंग में ड्यूटी दी।
- डॉ. बंसीलाल बेनीवाल, दंत रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार।