जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव के दौरान हुई आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का दर्द शनिवार को बाघपुर पहुंचे कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की जुबान पर आया। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्रसिंह की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि हम दोनों जाट मंत्री हैं, दंगों के बाद राज्य में मुझे और केंद्रे में बीरेंद्रसिंह को न जाने क्या-क्या सुनना और जवाब देना पड़ रहा है। धनखड़ ने भावुक होते हुए कहा कि झज्जर और रोहतक को इस कदर जलाया गया है कि ऐसे तो दुश्मनों के साथ भी नहीं करते।
धनखड़ ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान बेरी, झज्जर और रोहतक में सरकारी और निजी संपत्ति को जलाया गया है कि अब विकास के लिए एक पैसा देने का मन नहीं करता। चूंकि वो सरकार में मंत्री हैं और जिले का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं इसलिए जिले का संपूर्ण विकास कराना उनकी जिम्मेदारी है। धनखड़ ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को जैसे जलाया गया वैसे तो कोई दुश्मनों का घर भी नहीं जलाता। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह बोले कि वो शुरू से ही जाट आरक्षण लागू किए जाने की बात कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किया। कभी भी डरकर राजनीति नहीं की। बस एक बात कहता था कि जब अहीर औैैैैैैैैैैैर गुर्जर भाइयों को आरक्षण मिला तो जाटों को भी मिले।