फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हम जाट मंत्री हंै, दंगों के बाद न जाने क्या-क्या सुनना पड़ रहा है

Sun, 17 Apr 2016 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
विज्ञापन
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ - फोटो : bureau
विज्ञापन
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव के दौरान हुई आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का दर्द शनिवार को बाघपुर पहुंचे कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की जुबान पर आया। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्रसिंह की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि हम दोनों जाट मंत्री हैं, दंगों के बाद राज्य में मुझे और केंद्रे में बीरेंद्रसिंह को न जाने क्या-क्या सुनना और जवाब देना पड़ रहा है। धनखड़ ने भावुक होते हुए कहा कि झज्जर और रोहतक को इस कदर जलाया गया है कि ऐसे तो दुश्मनों के साथ भी नहीं करते।
विज्ञापन


धनखड़ ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान बेरी, झज्जर और रोहतक में सरकारी और निजी संपत्ति को जलाया गया है कि अब विकास के लिए एक पैसा देने का मन नहीं करता। चूंकि वो सरकार में मंत्री हैं और जिले का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं इसलिए जिले का संपूर्ण विकास कराना उनकी जिम्मेदारी है। धनखड़ ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को जैसे जलाया गया वैसे तो कोई दुश्मनों का घर भी नहीं जलाता। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह बोले कि वो शुरू से ही जाट आरक्षण लागू किए जाने की बात कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किया। कभी भी डरकर राजनीति नहीं की। बस एक बात कहता था कि जब अहीर औैैैैैैैैैैैर गुर्जर भाइयों को आरक्षण मिला तो जाटों को भी मिले।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें