हिसार। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में विकास के लिए राज्य योजना विभाग को डी-प्लान के तहत 400 करोड़ का बजट मिला, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 22 जिलों में सिर्फ 9.20 फीसदी राशि ही खर्च हो सकी है। रोहतक, महेंद्रगढ़, झज्जर जिले ने एक पैसा खर्च नहीं किया। वहीं, सिरसा में महज 0.66 और हिसार जिले में 1.17 प्रतिशत राशि खर्च की गई। फरीदाबाद जिले में सबसे अधिक 37.16 प्रतिशत राशि के विकास कार्य करवाए गए।
जिला स्तर पर विकास कार्याें के लिए जिला योजना के तहत बजट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे डी प्लान का बजट कहा जाता है। प्रदेश सरकार जिलों की आबादी के अनुसार बजट जारी करती है। वित्तीय सत्र 2024-25 के लिए राज्य योजना विभाग की ओर से 400 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिसमें से 15 जनवरी तक 36,81,82,193 रुपये ही खर्च हो सके, जो कुल बजट का दस प्रतिशत भी नहीं है। 90 प्रतिशत बजट को 75 दिन में कैसे खर्च कर सकेंगे, ये बड़ा सवाल है।
योजना विभाग के तहत ये काम होते हैं
पानी की लाइन डालना, पानी के टैंक बनाना, हैंडपंप लगाना, वाटर टैंकर खरीदना, स्कूल का भवन निर्माण,चहारदीवारी, पार्किंग निर्माण,बिजली लाइन तैयार कराना,अस्पताल भवन निर्माण, अस्पताल भवन की चहारदीवारी, बाढ़ नियंत्रण के लिए कार्य, सामुदायिक केंद्र भवन, गलियों का निर्माण, खेल मैदान-भवन तैयार कराना, शौचालय निर्माण, पशु अस्पताल का भवन, सार्वजनिक पार्क निर्माण आदि।
डी प्लान के बजट व खर्च का ब्योरा
जिला - बजट मिला - खर्च राशि - प्रतिशत
फरीदाबाद 28.55 करोड़ 10.61 करोड़ -37.16
पानीपत 19.01 करोड़ 4.03 करोड़ 21.24
नूंह 17.16 करोड़ 3.62 करोड़ -21.08
सोनीपत 22.87 करोड़ 2.73 करोड़ - 11.95
जींद 21.05 करोड़- 2.44 करोड़ -11.59
कुरुक्षेत्र 15.22 करोड़ -1.58 करोड़- 10.38
भिवानी 17.86 करोड़1.54 करोड़- 8.63
पंचकूला 8.85 करोड़- 71.13 लाख 8.03
कैथल 16.95 करोड़ -1.32 करोड़7.84
यमुनानगर 19.15 करोड़ -1.46 करोड़- 7.66
फतेहाबाद 14.86 करोड़- 1.09 करोड़- 7.39
करनाल 23.75 करोड़ - 1.73 करोड़- 7.33
चरखी दादरी- 7.92 करोड़- 46.95 लाख - 5.93
गुरुग्राम 23.89 करोड़ - 1.15 करोड़ -4.85
रेवाड़ी 14.20 करोड़ - 64.02 लाख 4.51
अंबाला 17.80 करोड़- 75.77 लाख - 4.26
पलवल 16.45 करोड़- 41.94 लाख - 2.55
हिसार 27.51 करोड़ - 32.31 लाख- 1.17
सिरसा 20.43 करोड़- 13.5 लाख- 0.66
झज्जर 15.12 करोड़ - 0000
महेंद्रगढ़ 14.54 करोड़ 0000
रोहतक 16.74 करोड़ -00-00
लोकसभा व विधानसभा चुनाव के कारण इस बार 5 से 6 महीने विकास कार्य नहीं हो सके। टेंडर प्रक्रिया में भी समय लगा। 2024-25 के बजट के लिए सभी जिला योजना अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर शेष बजट खर्च करने के निर्देश जारी किए हैं। - राजबीर भारद्वाज, निदेशक, राज्य योजना विभाग