गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के लड़कियों व लड़कों के हॉस्टल की मेस में बन रहे खाने की गुणवत्ता सही नहीं है। विद्यार्थियों की मानें तो इस लेकर कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। शिकायत करने के बाद एक-दो दिन तक सही खाना मिलता है। मगर फिर खाने की गुणवत्ता वैसी ही हो जाती है। हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का आरोप है कि कभी खाना पका हुआ नहीं मिलता तो कभी रोटियां जली मिलती हैं। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समय-समय पर हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता की जांच की जाती है। खाने में किसी प्रकार की समस्या होने मिलने पर मेस संचालक को गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा जाता है।
खाने की गुणवत्ता का मामला काफी समय से चल रहा है। जब से विश्वविद्यालय में दाखिला लिया तब से हॉस्टल की मेस में खाना अच्छा नहीं मिला। कई बार मेस संचालक को चेतावनी भी दी गई। इसे लेकर कुलपति ने भी लड़कों के हॉस्टल नंबर 4 की मेस का निरीक्षण किया था और खाने की गुणवत्ता को लेकर आश्वासन दिया था कि दीवाली के बाद से उन्हें अच्छी गुणवत्ता का खाना दिया जाएगा।
-हिमांशु, छात्र, जीजेयू
लड़कों के हॉस्टल नंबर 2 और 4 में विद्यार्थियों को खाने से संबंधित कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। कई बार मेस संचालक के साथ खाने को लेकर बहस भी हो चुकी है। विद्यार्थियों के विरोध करने पर एक दो-दिन खाना ठीक देते हैं। इसके बाद फिर से वहीं समस्या सामने आ जाती है। रोटियां जली हुई और कच्ची मिलती हैं। खाना सवा आठ बजे ही खत्म हो जाता है। जबकि हॉस्टल में खाने का टाइम 7.30 से 9 बजे का है।
- मोहित, छात्र, जीजेयू
विद्यार्थियों को हॉस्टल में खाने से संबंधित किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा। पिछले सप्ताह लड़कों के हॉस्टल का निरीक्षण किया था। मेस संचालक को खाने की क्वालिटी में सुधार करने के आदेश दिए गए हैं।
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प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।