अल्बानिया में आयोजित अंडर-23 सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहलवान विक्की ने यूक्रेन के पहलवान को
हिसार। अल्बानिया में आयोजित अंडर-23 सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहलवान विक्की ने यूक्रेन के पहलवान को 7-2 से हराकर कांस्य पदक जीता। इससे पहले दिन सेमीफाइनल मुकाबले में सिर में लगी चोट के कारण विक्की स्वर्ण पदक से चूक गए थे, लेकिन इस हार और चोट के बावजूद विक्की का हौसला बुलंद रहा और उन्होंने कांस्य पदक जीता।
विक्की मिर्चपुर स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल कुश्ती एकेडमी में छह साल से अभ्यास कर रहा है। एकेडमी पहुंचने पर विक्की हुड्डा का स्वागत किया गया।
एकेडमी के संचालक एवं कोच अजय ढांडा ने बताया कि सेमीफाइनल में विक्की का मुकाबला ईरान के पहलवान के साथ हुआ था। इस दौरान उसके सिर में चोट लगने पर वह 12-8 से हार गया।
इसके बाद अगले दिन कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में विक्की ने यूक्रेन के पहलवान को हराकर कांस्य पदक जीत लिया। कोच अजय ढांडा ने दावा किया है कि 97 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीतने वाला विक्की हुड्डा देश का पहला पहलवान बन चुका है।
विक्की मूलरूप से रोहतक के गांव खिडवाली का रहने वाला है। पिता व चाचा को मिट्टी के अखाड़ा में कुश्ती खेलते देखा तो विक्की हुड्डा ने कुश्ती के गुर सीखे।
पिता जोगिंद्र का भी सपना था कि बेटा विक्की कुश्ती में ही पदक जीत नाम चमकाए। यही बेटे ने कर भी दिखाया। अब विक्की ने कांस्य पदक जीत एकेडमी, परिवार और देश का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय स्तर पर पहलवान विक्की पांच पदक जीत चुका हैं।
21 वर्षीय विक्की ने आठ साल पहले कुश्ती से अपने कॅरिअर की शुरुआत की। दो साल तक अपने गांव में प्रशिक्षण लिया। उसके बाद विक्की ने मिर्चपुर स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल कुश्ती एकेडमी में प्रशिक्षण लेना शुरू किया।