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Hisar News: कुछ अलग करने की चाह ने लक्षिता को बनाया इंटरनेशनल शूटर

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हिसार। पढ़ाई के साथ कुछ अलग करने की चाह ने सेक्टर-15 की रहने वाली लक्षिता बिश्नोई काे इंटरनेशनल शूटर बना दिया। आज लक्षिता राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण समेत 11 पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने स्पेन में चल रहे आईएसएसएफ (इंटरनेशनल स्पोर्ट्स शूटिंग फेडरेशन) वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में चांदी अपने नाम की। एयर पिस्टल में भारत से 17 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को एकलव्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी पहुंचने पर लक्षिता का नोटों की माला से स्वागत किया और विजयी जुलूस निकाला।
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शूटर लक्षिता बताती हैं कि पहले उसका कजन अमित शूटिंग की प्रैक्टिस करता था। एक दिन वह अपने पिता के साथ भाई का खेल देखने चली गई। उन्हें निशाना लगाते देख शूटिंग खेलने की ठानी। दो लाख की पिस्टल खरीदी और एकेडमी में अभ्यास शुरू कर दिया। वह मूलरूप से रावतखेड़ा की रहने वाली हैं।
इंटरनेशनल स्तर पर गोल्ड जीतना लक्ष्य

लक्षिता का कहना है कि अब तक वह दो बार इंटरनेशनल प्रतियोगिता में उतरीं। पहली बार पदक नहीं आया, लेकिन दूसरी बार में वह रजत पदक जीत लाई। अब इंटरनेशनल स्तर पर चांदी को गोल्ड में बदलने के लिए कड़ी मेहनत करूंगी। स्वर्ण पदक जीतना ही उनका लक्ष्य है। वह रोजाना तीन से चार घंटे अभ्यास कर रही हैं। वह बारहवीं कक्षा की छात्रा है।
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हाथ और दिमाग का खेल, शारीरिक मेहनत नहीं
लक्षिता ने बताया कि शूटिंग अनुशासन वाला गेम है। यह हाथ और दिमाग का खेल है। इसे खेलते समय मन एकाग्र होना चाहिए। इस खेल में शारीरिक मेहनत नहीं होती है। इसलिए इस खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी पूरा समय दे सकते हैं। हालांकि शूटिंग महंगा खेल है, मगर इसमें खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर अपना कॅरिअर बनाना सकता है।
इंटरनेशनल स्तर पर पदक जीतना बहुत बड़ी बात है। लक्षिता ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। पहले भी लक्षिता राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। - मनोज परमार, कोच, एकलव्य शूटिंग एकेडमी
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