हिसार। दूसरे विभागों को नसीहत देने वाला शिक्षा विभाग अपने ही उठाए गए कदमों को लेकर हमेशा से ही चर्चा में बना रहता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला है। बीते दो माह से शिक्षा विभाग ने गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन जब उत्तम नगर में बिना अनुमति निजी स्कूल द्वारा पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों का दाखिला करने का मामला सामने आया तो शिक्षा विभाग नियमों को लेकर अब जागा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मुख्यालय को पत्र लिखकर पूछा है कि गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूल पर कार्रवाई कौन करेगा मैं करूं या संबंधित खंड के शिक्षा अधिकारी करें। अर्थात कार्रवाई करने को लेकर सक्षम अधिकारी कौन है। इससे स्पष्ट है कि जिला शिक्षा अधिकारी ही नियमों से अनजान हैं। जो पत्राचार कर गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कार्रवाई करने के बजाय बैकफुट पर आ रहे हैं।
बीते दो माह से कार्रवाई करने का भोंपू बजा रहा है शिक्षा विभाग
नए शैक्षणिक सत्र का पहला क्वार्टर खत्म होने को है, जिनमें अप्रैल-मई बीत चुके हैं, जबकि जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने से स्कूल बंद है। बीते दो माह पहले शिक्षा विभाग को ये कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन अधिकारियों में इच्छाशक्ति की कमी होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। जब शिक्षा निदेशालय सख्त हुआ तो अधिकारी पत्राचार कर मामले से पीछा छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
उत्तम नगर के निजी स्कूल पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में
कुछ दिन पूर्व शिक्षा निदेशालय ने उत्तम नगर के एक निजी स्कूल पर कार्रवाई करने के आदेश डीईईओ को दिए थे, जिसके बाद अधिकारी ने पत्र लिखकर विवादित निजी स्कूल को पहली से 8वीं कक्षा में दाखिला न देने की हिदायतें जारी कर दी, लेकिन कार्रवाई करने के मामले पर शिक्षा विभाग इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस विवादित निजी स्कूल संचालक पर क्या कार्रवाई करता है।
-मुख्यालय को पत्र लिखकर पूछा गया है नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूल संचालकों पर कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी कौन है। जैसे ही मुख्यालय से जवाब आएगा तब आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चे का दाखिला करवाने से पहले संबंधित निजी स्कूल की पूरी जानकारी जुटा लें।
- प्रदीप सिंह नरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।