हिसार। शहर सोमवार शाम को अचानक घने स्मॉग की चपेट में आ गया। हवा में घुले प्रदूषण ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया। कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत हुई। चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां सरकारी वेबसाइट पर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘सहनीय’ दर्ज किया गया, वहीं निजी वेबसाइट पर यह गंभीर स्तर (सीवियर कैटेगरी) में पहुंच गया।
निजी वेबसाइट के अनुसार सोमवार सुबह 6 बजे ही शहर का एक्यूआई 451 दर्ज किया गया यानी हवा बेहद प्रदूषित और गंभीर स्थिति में थी। हालांकि, दोपहर होते-होते इसमें थोड़ी गिरावट आई और दोपहर 3 बजे यह 206 तक पहुंच गया, जो दिनभर का सबसे कम स्तर रहा। इसके बावजूद, हवा खराब श्रेणी में ही रही। शाम ढलते ही प्रदूषण का स्तर फिर तेजी से बढ़ा और रात 9 बजे एक्यूआई 472 पहुंच गया। जो दिनभर का सबसे अधिक रहा। वहीं सरकारी आंकड़ों में दिनभर एक्यूआई 200 से नीचे बताया गया, जिसे सहनीय श्रेणी में रखा गया है।
सांस और आंखों पर सबसे ज्यादा असर
स्मॉग के कारण खासतौर पर दमे के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोगों ने शाम की सैर रद्द कर दी। कुछ ने बताया कि घर से बाहर निकलते ही आंखों में चुभन और गले में जलन महसूस हुई। जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय लाठर ने कहा कि इस तरह के मौसम में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो मास्क पहनें। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम की सैर फिलहाल टालें, घर के अंदर हल्का व्यायाम करें। अगर सांस लेने में तकलीफ या आंखों में जलन बढ़े तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
ऐसे मौसम में खासकर अस्थमा या एलर्जी वाले मरीज विशेष सावधानी बरतें। जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। मास्क जरूर पहनें और पर्याप्त पानी पीएं।
— डॉ. अजय लाठर, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल, हिसार
ये है एक्यूआई का पैमाना
0 से 50-अच्छा
51 से 100-संतोषजनक
101 से 200-सामान्य
201 से 300-खराब
301 से 400-बहुत खराब
401 से 500-गंभीर