बालसमंद। संयुक्त किसान संघर्ष समिति की तहसील इकाई और संयुक्त जल संघर्ष समिति की बैठक रविवार को स्थानीय विश्राम भवन में हुई। बैठक में राज्य सरकार पर भाखड़ा नहर का पानी निर्धारित क्षेत्रों के बजाय अन्य स्थानों पर मोड़ने का आरोप लगाया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन साैंपा जाएगा।
किसानों ने कहा कि उन्हें किसी क्षेत्र को पानी दिए जाने पर आपत्ति नहीं है लेकिन भाखड़ा नहर से जुड़े किसानों के हिस्से का पानी कम करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूर्व सरपंच जगदीश लौरा ने बताया कि चौधरीवास, सरसाना, राणा समेत नहर के अंतिम छोर वाले गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा।
किसान संघर्ष समिति के महासचिव वीरेंद्र पूनिया ने कहा कि वर्ष 2014 से पानी के अधिकार को लेकर संघर्ष किया जा रहा है लेकिन आज तक अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका। संयुक्त जल संघर्ष समिति के प्रधान विजेंद्र बेनीवाल ने किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
महासचिव सतबीर पूनिया ने कहा कि खनौरी हेड से पहले मिलने वाले 1,725 क्यूसेक के बजाय अब केवल 1,500 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है जबकि कुछ स्थानों पर इसे दूसरी दिशा में भी मोड़ा जा रहा है। समिति के सलाहकार दिलबाग हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार वर्ष 2015 में पंजाब को 4.10 करोड़ रुपये देने के बावजूद अतिरिक्त 225 क्यूसेक पानी बरवाला ब्रांच तक नहीं पहुंचा सकी।
सुरेंद्र आर्य ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान सड़क पर उतरेंगे और जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। बैठक में अनिल भादू, मोहन मिठारवाल, अमरचंद भाकर, पवन लौरा, राजकुमार लौरा, अनिल लौरा, रणसिंह पूनिया, बलजीत कस्वां माैजूद रहे।